बदायूं। इस्लामनगर कस्बे में अवैध क्लीनिक संचालित करने वाली महिला झोलाछाप के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। महिला के पास न तो कोई डिग्री है और न ही क्लीनिक का पंजीकरण। उसने एक महिला का गर्भपात किया था। हालत बिगड़ने पर कुछ दिन पहले उसकी मौत हो गई थी। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
मोहल्ला मिश्रा निवासी पार्वती पत्नी रामस्वरूप अपने घर में ही अवैध क्लीनिक संचालित करती है। भवानीपुर नगला निवासी तारा सिंह पुत्र सोहनपाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उसके खिलाफ शिकायती पत्र दिया था। तारा सिंह का कहना था कि उसकी पत्नी अमरावती तीन माह की गर्भवती थी। पार्वती के पास वह इलाज कराने के लिए पहुंची तो उसने मेरी बिना अनुमति के उसका गर्भपात कर दिया, जिससे उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। बाद में उसकी मौत हो गई। इसकी शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच कर्ता उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी अखिलेश सिंह इस्लामनगर कस्बा पहुंचे। पता चला कि पार्वती के दो घर हैं। उन्होंने एक घर में घुसकर जांच करने की कोशिश की लेकिन उसके परिवार वालों ने घर में घुसने नहीं दिया। उन्हें बताया कि पार्वती घर में नहीं है। मोहल्ले के तमाम लोगों ने बताया कि महिला झोलाछाप है। वह अवैध रूप से उपचार कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ लंबे समय से खिलवाड़ कर रही है। इस पर अखिलेश सिंह ने झोलाछाप पार्वती के खिलाफ दर्ज कराई है।