बदायूं। जिले में वायरल फीवर का प्रकोप कम नहीं हो रहा है, इसके साथ मलेरिया भी पैर पसार रहा है। दो दिन में जिले में बुखार के एक हजार से ज्यादा और मलेरिया के दस रोगी मिले हैं। समरेर के शेरगंज में चार, भितरा, मुल्ला में दो-दो और सेवा नगला में मलेरिया के दो रोगी मिले हैं।
स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को चार ब्लॉक के दस गांवों में शिविर लगाए गए। इस दौरान 498 लोगों की जांच की गई। इनमें बुखार के 210 रोगी मिले। 305 लोगों की मलेरिया की जांच में चार मलेरिया के रोगी मिले। बुखार का ज्यादा प्रकोप समरेर और सालारपुर ब्लॉक के गांवों में है। समरेर के गंगपुर, कादराबाद, मझाना में बुखार के 50-50 रोगी मिले हैं। सालारपुर के हसनपुर, बिछुरइया, शेरगंज हसनपुर में भी बुखार के बड़ी संख्या में रोगी मिले हैं। दातागंज के गिलोर, अघोड़ी में भी बुखार का प्रकोप है।
बुधवार को भी जिले में बुखार के बड़ी संख्या में रोगी मिले थे। 503 लोगों की स्वास्थ्य जांच में 191 बुखार के रोगी निकले। सालारपुर ब्लॉक के गांवों में मलेरिया के भी काफी रोगी मिले। इन गांवों में दवाओं का वितरण करने के साथ मलेरिया विभाग की ओर से मच्छर और लार्वा नाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय और मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने भी गांवों का दौरा कर शिविरों का जायजा लिया।
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शेरगंज में मलेरिया का सबसे ज्यादा प्रकोप
बदायूं। सालारपुर ब्लॉक के गांव शेरगंज में मलेरिया का ज्यादा प्रकोप है। यहां बुखार के रोगी भी बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। पिछले वर्ष गांव में डेंगू का प्रकोप रहा था। कई लोगों की डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के कारण मौत भी हुई थी। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी इस वर्ष भी गांव में संक्रामक बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। संवाद
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मौसमी बीमारियां हैं। कुछ मलेरिया के रोगी भी मिल रहे हैं। संक्रामक रोगों को लेकर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। गांवों में लगातार स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन के साथ लार्वा और मच्छर नाशक दवाओं का छिड़काव भी क-ाया जा रहा है। लोगों को चाहिए कि व अपने घरों के आस-पास पानी जमा न होने दें। सफाई का भी विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ