बदायूं। खाद की कमी से जूझ रहे जिले में इन दिनों हाहाकार मचा है, किसान परेशान हैं। रबी की फसल की बुआई के लिए इस समय डीएपी की सख्त जरूरत है। सहकारी समितियों से किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। अफसरों का दावा है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। इस विरोधाभासी स्थिति में यह कोई बताने वाला नहीं है कि खाद भरपूर है तो किसान परेशान क्यों हैं और उन्हें जगह-जगह प्रदर्शन क्यों करने पड़ रहे हैं। इस बीच, निजी खाद विक्रेता जमकर मुनाफा कमा रहे हैं।
जिले में धान की कटाई का अधिकांश काम लगभग पूरा हो गया है। अब किसानों ने गेहूं की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच इफको केंद्रों से लेकर अधिकांश सहकारी समितियों पर डीएपी की किल्लत है। किसानों के अनुसार गेहूं से लेकर आलू की बुआई के लिए डीएपी की आवश्यकता है।
खाद समय पर उपलब्ध न होने पर रबी फसल की बुआई में देरी हो सकती है। शासन की ओर से डीएपी का निर्धारित रेट 1350 रुपये प्रति बोरा तय किया है, लेकिन निजी खाद विक्रेता 50 से 100 रुपये प्रति बोरा अधिक वसूल रहे हैं। साथ ही यह असली है या नकली, इसका भी भरोसा नहीं है।
म्याऊं, उसावां, अलापुर, जगत, दलेलनगर सोसाइटी पर स्टॉक काफी समय से खत्म चल रहा है। म्याऊं व अलापुर साधन सहकारी समिति के सचिव राघवेंद्र गिरी ने बताया कि दोनों जगह पर दो अक्तूबर से डीएपी का स्टॉक निल है। वहीं, इस्लामनगर की दौयरा, नगला, सिठौली, मुरावान में पिछले 10-12 दिनों से डीएपी नहीं है।
विभाग का दावा- अभी दो हजार एमटी खाद बाकी
कृषि विभाग के अनुसार अक्तूबर में साढ़े आठ हजार एमटी खाद की ब्रिकी हुई है, जबकि स्टॉक में दो हजार एमटी डीएपी बची है। उसका वितरण चल रहा है। दो हजार एमटी खाद की खेप बुधवार रात गुजरात से आई है। इनको प्राइवेट दुकानों पर दिया जा रहा है। वहीं, दो से तीन दिन में 32 सौ एमटी खाद और आएगी, उसे सोसायटी पर दिया जाएगा।
किसानों ने किया प्रदर्शन
म्याऊं। सोसायटी पर कई दिनों से खाद नहीं होने से परेशान हो चलते ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों से समिति पर डीएपी पहुंचवाने की मांग की। किसान परशुराम का कहना है कि अगर डीएपी कुछ दिनों के बाद अगर फ्री भी होगी तो वह किसानों के किसी काम की नहीं रहेगी। फसल को इस समय डीएपी की जरूरत है। अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए हैं। इस मौके पर ब्रह्मदेव, ज्ञानेश, रणवीर, ब्रजपाल, विमल आदि मौजूद रहे।
देररात आई दो हजार एमटी की रैक
गुजरात से बुधवार देर रात डीएपी की एक रैक उझानी रेलवे स्टेशन पहुंची। बृहस्पतिवार सुबह जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह उझानी स्टेशन पर पहुंचे। उन्होंने अपनी सामने रैक उतरवाई, साथ ही तीन वितरकों को डीएपी का वितरण किया। अब ये वितरक व्यापारियों को खाद मुहैया कराएंगे।
क्या कहते है किसान
बबई भटपुरा के किसान रामलखन का कहना है कि डीएपी की किल्लत से हम परेशान हैं। समय पर बुआई नहीं होने से नुकसान उठाना होगा। डीएपी के लिए कई दुकानों पर गए, लेकिन कहीं खाद नहीं मिला। बुआई के लिए दो एकड़ खेत तैयार है। सौंधामई के परमानंद ने कहा कि डीएपी नहीं मिल पर रही है। खेत तैयार है, लेकिन आलू और गेहूं की बुआई कैसे होगी, यही चिंता सता रही है। प्राइवेट दुकानदार महंगे दामों पर बेच रहे हैं। असली या नकली का पता ही नहीं चल रहा।
- जिले में डीएपी की कोई दिक्कत नहीं है। दुकानों पर डीएपी मौजूद है। दो हजार एमटी डीएपी गुजरात से आ गई है। इनका वितरण भी शुरू करा दिया गया है। साथ ही दो से तीन दिन में 32 सौ एमटी डीएपी और आ जाएगी। - डीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
उझानी में डीएपी का वितरण कराते जिला कृषि अधिकारी। संवाद- फोटो : BADAUN
सहकारी समिति सिठौली बंद पड़ा। संवाद- फोटो : BADAUN
जगत की साधन सहकारी समिति बंद पड़ी। संवाद- फोटो : BADAUN
म्याऊ की साधन सहकारी समिति कई दिनों से डीएपी नहीं है। संवाद- फोटो : BADAUN