जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के गांव कुपरी निवासी मुकेश अपने दस वर्षीय बेटे मोनू और दिव्यांग पत्नी सर्वेश कुमार को शुक्रवार करीब 12 बजे दवा दिलाने स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। जहां पर उसने अपनी घोड़ा गाड़ी खड़ी कर दोनों को दवा दिलाने में व्यस्त हो गया।
इसी दौरान परिसर में बंदर आपस में लड़ गए, जिससे मुकेश का घोड़ा बिदक गया और डॉक्टर की कार में स्क्रैच आ गए। इस बात पर डॉक्टर के ड्राइवर ने मुकेश और उसके बेटे मोनू को पीटा। बाद में डॉक्टर ने भी उसे खूब पीटा, जिससे मोनू बेहोश हो गया। बाद में उसे बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।