बदायूं। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) ज्योत्सना राय के पिता अशोक कुमार राय ने कहा कि उनकी बेटी को एक साजिश के तहत उकसाया गया था। इसलिए उसने तत्काल यह कदम उठा लिया। अगर उन्हें जरा भी पता होता कि तो वह तत्काल उसकी नौकरी छुड़वा देते या फिर उसे बदायूं में नौकरी नहीं करने देते। उसका दूसरी जगह स्थानांतरण करवा देते।
पोस्टमार्टम हाउस पर पिता अशोक कुमार राय ने बताया कि उनकी बेटी कहती थी कि वह उसके मामले में दखलअंदाजी न करें। बोले- बदायूं हमारे लिए ठीक नहीं रहा। वह नहीं चाहते थे कि बेटी की पोस्टिंग बदायूं हो, लेकिन हो गई तो वह तीन माह तक उसके साथ रहे। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी खुदकुशी भी कर सकती है। वह इतनी प्रतिभाशाली थी कि एक ही बार में परीक्षा पास कर ली।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम सोचते थे कि यहां सब लोग हैं, सुरक्षा व्यवस्था है, फिर क्यों फिक्र करें, लेकिन उनकी बेटी असहाय होकर जान दे देती है। कहा, 10 बजे किसी की कॉल आई थी। सब लोग बता रहे हैं कि वह तेज आवाज में बात कर रही थी। कहा- वह किसी से नहीं हारे, लेकिन अब वह अपनी बेटी से हार गए।
पूर्व सांसद ने परिवार वालों को दी सांत्वना
रविवार दोपहर पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने जिला जज और ज्योत्सना के परिवार वालों से मुलाकात की और सांत्वना दी।
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद जिला जज व न्यायिक अफ्सर। संवाद
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद जिला जज व न्यायिक अफ्सर। संवाद
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद जिला जज व न्यायिक अफ्सर। संवाद
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद जिला जज व न्यायिक अफ्सर। संवाद