दातागंज। हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव टकसेना और दुर्गानगर के बीच अरिल नदी के नाले (दहेलिया) में डूबकर 50 वर्षीय किसान रमेश उर्फ मंगलदास की रविवार को मौत हो गई। वह अपनी पत्नी की दवा लेने नाला पार दुर्गानगर गांव जा रहे थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गए। टकसेना से दुर्गानगर चंगासी-हजरतपुर होते हुए करीब 25 किलोमीटर दूर है जबकि नाला पार करके करीब डेढ़ किलो मीटर दूर रह जाता है। जल्दबाजी में 25 किलोमीटर का फेर बचाने में किसान की जान चली गई।
ग्राम पंचायत चंगासी के मझरा टकसेना गांव कटरी इलाके में बसा है। यहां के रहने वाले रमेश उर्फ मंगलदास खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनकी पत्नी राजकुमारी काफी समय से बीमार थीं। नजदीकी लोगों का कहना है कि उनका उपचार टकसेना गांव के नजदीक नाले के उस पार बसे दुर्गानगर निवासी एक वैद्य से चल रहा था। लोग अक्सर नाला पार करके ही जाते हैं। कुछ दिन से लगातार हो रही बारिश की वजह से पानी बढ़ गया है।
रमेश मजबूरी में रविवार दोपहर के समय अपनी पत्नी की दवा लाने के लिए नाला पार कर रहे थे। वह ज्यादा तैरना नहीं जानते थे, जिससे बीच नाला में पहुंचकर डूब गए। उस दौरान दुर्गानगर के कुछ लोग नाला किनारे मौजूद थे। उन्होंने किसान को डूबते देखकर शोर मचाया और तुरंत उनके परिवार वालों को सूचना दी, जिससे परिवार वाले और गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वहां गोताखोरों को बुला लिया। उसके बाद रमेश की तलाश शुरू करा दी गई। करीब दो घंटा बाद उनके शव को नाले से निकाला गया। इसकी सूचना पर एसओ हजरतपुर विक्रम सिंह पहुंच गए। उन्होंने मामले की छानबीन करते हुए सोमवार दोपहर रमेश के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। एसओ का कहना है कि किसान की मौत नाला पार करते समय डूबकर हुई है।