सहसवान। कोतवाली क्षेत्र के गांव खैरपुर खैराती में बृहस्पतिवार शाम किसान रियाजुल (25) ने अपने घर में ही फंदे से लटककर जान दे दी। वह अपरान्ह करीब तीन बजे कमरे में बंद हो गया था। देर शाम परिवार वालों ने दरवाजा तोड़कर उसको बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई।
ग्राम खैरपुर खैराती निवासी रियाजुल पुत्र मुजम्मिल खेतीबाड़ी करता था। नजदीकी लोगों का कहना है कि उसके परिवार में कई दिन से विवाद चल रहा था। जिससे वह काफी परेशान था। अपरान्ह करीब तीन बजे रियाजुल अपने कमरे में बंद हो गया और अंगोछे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इधर, जब वह शाम करीब सात बजे तक बाहर नहीं आया तो परिवार वालों ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। जब दरवाजा नहीं खुला तो परिवार वालों ने उसे तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो युवक फंदे से लटका हुआ था।
परिवार वाले उसे तुरंत फंदे से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इंस्पेक्टर सौरभ सिंह ने बताया कि युवक ने फंदे से लटककर जान दे दी है। आत्महत्या की वजह पता की जा रही है।
छोटी ज्यारत के पास फंदे से लटका मिला फल विक्रेता का शव
- शहर में ठेला लगाकर फल बेचने का काम करता था इशहाक
- मीरा सराय इलाके के एक अस्पताल में चल रहा था उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। कोतवाली क्षेत्र में छोटी ज्यारत के पास बृहस्पतिवार सुबह फल विक्रेता इशहाक (45) का शव फंदे से लटका मिला। परिवार वालों के मुताबिक, उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। उसे मीरा सराय इलाके के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से वह अचानक बुधवार शाम लापता हो गया। देर रात तक परिवार वाले उसे तलाश करते रहे लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। सुबह छोटी ज्यारत के नजदीक फंदे से लटकी उसकी लाश मिली।
फल विक्रेता इशहाक अली कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नाहरखां सराय का रहने वाला था। वह शहर में ठेला लगाकर फल बेचने का काम करता था। उसके छोटे भाई मोहम्मद गयास के मुताबिक, कुछ दिन से इशहाक की तबीयत ठीक नहीं थी। उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। परिवार वालों ने उसे मीरा सराय के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उसका अस्पताल में उपचार चल रहा था।
परिवार वालों के मुताबिक, बुधवार शाम अचानक इशहाक अस्पताल से लापता हो गया। जब परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। वह देर रात तक इशहाक को तलाश करते रहे, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला।
इधर, बृहस्पतिवार सुबह कुछ लोगों ने कबूलपुरा इलाके में छोटी ज्यारत के नजदीक पेड़ पर फंदे से लटका उसका शव देखा। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। बाद में उसके परिवार वाले भी आ गए। उसके बाद पुलिस ने फल विक्रेता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोपहर के समय उसका पोस्टमार्टम कराया गया। फल विक्रेता के दो बेटी और चार बेटे हैं। परिवार वाले इसे आत्महत्या मान रहे हैं।
जंगल में फंदे से लटका मिला शव पुरुवाखेड़ा के हरवीर का निकला
- बुधवार दोपहर खेत से निराई करते समय लापता हो गया था किशोर
संवाद न्यूज एजेंसी
दबतोरी। बिसौली कोतवाली क्षेत्र में गुरियारी और लक्ष्मीपुर गांव के बीच जंगल में फंदे से लटका मिला शव पुरुवाखेड़ा के हरवीर का निकला। वह बुधवार दोपहर अपने खेत से निराई करते समय लापता हो गया था। देर रात तक परिवार वाले उसे तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। सुबह उसके शव की पहचान हुई।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पुरुवाखेड़ा निवासी हरवीर (17) पुत्र रामरहीश पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। पिता रामरहीश के मुताबिक, वह बुधवार सुबह अपने खेत पर मेंथा की फसल की निराई कर रहे थे। उनके साथ उनके बेटे आकाश, अर्जुन और हरवीर भी निराई कर रहे थे। इसी दौरान हरवीर बोला कि उसकी तबीयत खराब हो रही है। वह दवा लेने दबतोरी जा रहा है। इसके बाद किशोर अपने खेत से चला गया।
रात आठ बजे तक घर लौटकर नहीं आया। उसके बाद परिवार वालों ने किशोर की तलाश शुरू कर दी। वह देर रात तक हरवीर को तलाश करते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इधर, बृहस्पतिवार सुबह परिवार वालों को जानकारी हुई कि बुधवार दोपहर गुरियारी और लक्ष्मीपुर के बीच एक युवक का शव फंदे से लटका मिला है। इससे परिवार वाले कोतवाली पहुंच गए और उन्होंने शव का फोटो देखकर हरवीर के रूप में पहचान की। उसके बाद पुलिस ने किशोर के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। किशोर की दो बहनें मोनी और गायत्री हैं। मां शीला का बुरा हाल है।
हरवीर का फाइल फोटो।