बदायूं। सहसवान और जरीफनगर इलाके में सक्रिय नकली नोटों के तस्करों ने नकली नोट परचून की दुकान और अस्पतालों में खपाए थे। उनका कई प्रदेशों और जिलों में नेटवर्क फैला हुआ था। वह लगातार नकली नोटों को सप्लाई कर रहे थे लेकिन इसके बावजूद इस धंधे में शामिल तस्कर नहीं पकड़े गए हैं। इसमें सक्रिय प्रधान का देवर और पूर्व प्रधान फरार चल रहे हैं।
दिल्ली की स्पेशल सेल टीम ने बदायूं के तीन तस्करों को 50 लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। उन्होंने सहसवान कस्बे में चौकी नंबर चार इलाके में मैक्स हॉस्पिटल के ऊपर अपना सैटअप लगा रखा था। उसके अलावा बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बेहटा गुसांई में नकली नोट बनाने का काम चल रहा था। इस धंधे में जरीफनगर थाना क्षेत्र का प्रधान का देवर और उसी गांव का पूर्व प्रधान शामिल था। वह लोगों को दिखाने के लिए आपस में रंजिश की बात करते थे लेकिन हकीकत में उनका नकली नोटों का सबसे बड़ा धंधा था। वह कई प्रदेशों और जिलों में परचून की दुकानों और अस्पतालों में नकली नोट खफा रहे थे। वह थोक में नकली नोट भी सप्लाई कर रहे थे। इसमें शामिल पकड़े गए तीनों तस्कर जेल में हैं जबकि प्रधान का देवर और पूर्व प्रधान सपा नेता अभी नहीं पकडे़ गए हैं। स्थानीय पुलिस ने भी अभी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। अनुमान है कि जरीफनगर थाने में दर्ज मामले में आरोपी पकड़े जा सकते हैं।