मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की ऑनलाइन कार्यशाला में शामिल प्राध्यापक। स्त्रोत कॉलेज
बदायूं। दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज और बदायूं के राजकीय महाविद्यालय की ओर से आयोजित दस दिवसीय ऑनलाइन मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से संचालित मालवीय मिशन के कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से 150 से अधिक उच्च शिक्षा के प्राध्यापकों ने प्रतिभाग किया। इसमें अनुशासनात्मक अध्ययन और शोध की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
ऑनलाइन कार्यक्रम का उद्घाटन बरेली परिक्षेत्र की उच्चशिक्षा अधिकारी डॉ. संध्या रानी ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सफल रूप से क्रियान्वित करने के बारे में जानकारी दी। वहीं जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के प्रोफेसर मंसाफ आलम, हंसराज कॉलेज दिल्ली के अनुसंधान और विकास के प्रोफेसर डॉ. अनुराग कक्कड़ ने नवाचारी ज्ञान दिया।
समग्र और बहुविषयक शिक्षा पर केंद्रित रांची विश्वविद्यालय की प्रो. डॉ. देवजानी रॉय ने सहज ढंग से अंतर अनुशासनात्मक अध्ययन और शोध की महत्ता बताई। दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में संचालित मालवीय मिशन शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक प्रोफेसर आशुतोष यादव ने अनुसंधान और विकास की उच्चशिक्षा में अनिवार्य आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में निदेशक और रसायन विज्ञान के प्रोफेसर विमल रार ने पाठ्यक्रम विकास, परीक्षा पद्धति और मूल्यांकन को नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित करने की प्रक्रिया से अवगत कराया। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एके बख्शी ने उच्च शिक्षा और समाज की प्रति पूरकता और समावेशी निर्भरता को वास्तविक धरातल पर प्रयोग करने के लिए प्राध्यापकों को प्रेरित किया और तरीके बताए। राजकीय डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार बत्रा, संयोजक डॉ. संजीव राठौर, समन्वयक डॉ. श्रद्धा गुप्ता, सह समन्वयक डॉ. राकेश कुमार जायसवाल, डॉ. सतीश सिंह यादव, डॉ. रविंद्र सिंह यादव आदि मौजूद रहे।