क्षेत्र के भट्ठा मालिकों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर पर्यावरण क्लीरेंस की बाध्यता समाप्त करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन में भट्ठा मालिकों का कहना है कि पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में माइनर मिनरल खनन के लिए पर्यावरणीय क्लीरेंस प्राप्त करना जरूरी है। ऐसा होने की स्थिति में भट्ठों का सुलभ संचालन मुश्किल हो रहा है। प्रदेश सहित कई अन्य प्रांतों ने राज्य माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स में सशोधन करके भट्ठा संचालन की अनुमति दी है। ज्ञापन में कहा गया है कि मिट्टी खनन प्रक्रिया भी बहुत ही सरल है, क्योंकि भट्ठा सीजनल उद्योग है और सीजन में सीमित ईंट मिट्टी निकालकर कच्ची ईंटों की पथाई की जाती है, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नही होता है। अगर ईंट भट्ठा उद्योग प्रभावित हेाता है, तो सरकार को करोड़ोे रुपयों की हानि के साथ साथ लाखों लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित होगी।
ज्ञापन सौपने वालों में महेश पाल सिंह यादव, मनीष अग्रवाल, निर्लय कुमार साहनी, गजराज सिंह यादव, भानुप्रताप सिह, मनोज कुमार सिंह आदि थे।