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इलेक्ट्रॉनिक मशीन से आसान हुआ दीया बनाना, बाजार ने पकड़ी रफ्तार

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दीये खरीदती महिला। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। समय बदलने के साथ तकनीकी ने हर जगह पैर जमाए हैं। कुंभकारों के परंपरागत चाक की जगह अब इलेक्ट्रॉनिक चाक आ गए हैं, जिससे मिट्टी के आइटम बनाना न सिर्फ आसान हुआ है, बल्कि काम की गति भी बढ़ गई है। ऐसे में दिवाली नजदीक आने के साथ कुंभकार अच्छी बिक्री को लेकर उत्साहित हैं।
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दिवाली पर दीयों से घरों को रोशन करने की परंपरा है। कुछ सालों पहले चीन निर्मित झालरों ने बाजारों पर जो कब्जा जमाया था, वह कोरोना ने कम कर दिया। अब चीन में बने उत्पादों को लोगों ने खरीदना कम कर दिया और स्थानीय बाजार को अहमियत देने लगे हैं। इसका असर यह हुआ कि दीयों की मांग बढ़ने लगी है। आधुनिक युग में कुंभकारों ने भी खुद को समय के साथ बदल लिया है। कुछ तो अब इलेक्ट्रॉनिक चाक से दीये बनाने का काम कर रहे हैं। इससे जहां मेहनत कम हुई है।
दो गुना हुआ कारोबार
कुंभकार विद्याराम के अनुसार 2019 के बाद अब कारोबार में तेजी आ गई है। 2019 से पहले की बात करें तो दिवाली पर पांच से छह हजार रुपये का सामान ही बिक पाता था, लेकिन अब इसमें तब्दीली आई है। अब 15 से 16 हजार रुपये की उम्मीद लगाए हुए हैं। जिस प्रकार मांग है, उससे उनकी भी दिवाली अच्छी जाने की उम्मीद है। कोरोना के बाद लोग दीयों की खरीद ज्यादा करने लगे हैं।
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एक घंटे में 30 से 40 दीयों का आता है अंतर
कुंभकार तंजीर प्रजापति ने बताया कि पहले उनके पास सादा चाक था। इससे वह दिवाली के सीजन में एक घंटे में 60 से 70 दीया बनाया करते थे, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक चाक से अब एक घंटे में वह 100 से 110 दीये बना लेते हैं। ऐसे में कम समय में ज्यादा काम हो जाता है। बार-बार चाक को घुमाने के लिए मेहनत भी नहीं लगती है। वह खिलौने, गुल्लक, घड़ा, करवा, कुल्लड़ आदि बनाते हैं, लेकिन इस समय ज्यादा ध्यान फिलहाल दीयों पर है।
ये हैं रेट
छोटे दीये 80 रुपये में 100
डिजाइनर दीया पांच से 20 रुपये का एक
बड़ा डिजाइन वाला दीया 325 रुपये
पुरुआ 10 रुपये
अनार चार सौ रुपये के सौ
मिट्टी के अनार ले जाते हैं आतिशबाज
कुंभकारों के पास मिट्टी के अनार भी हैं। इनका रेट चार सौ रुपये सैकड़ा है। आतिशबाज इन्हें ले जाते हैं। इनके अंदर बारूद आदि भरकर एक रंग के या रंगीन अनार बनाए जाते हैं। रमेश बताते हैं कि इन्हें आम आदमी नहीं ले जाते, इसलिए इन्हें ऑर्डर पर ही बनाया जाता है।

इलेक्ट्रिक चाक से दीये बनाता कुम्हार। संवाद- फोटो : BADAUN

कुम्हारों द्वारा बनाये बाजार में बिकते दीये। संवाद- फोटो : BADAUN

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