04बीडीएन27-मेडिकल कॉलेज में मरीजों के पर्चे बनाती स्वास्थ्य कर्मी।संवाद
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में आभा एप शुरू होने के बाद ओपीडी के पर्चा काउंटर पर मरीजों की भीड़ बृहस्पतिवार को कुछ कम दिखी। पहले दिन ही 247 मरीजों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया। वह अपना टोकन नंबर लेकर आभा काउंटर पहुंचे, जहां से उनको पर्चा दिया गया। इस तरह से वह ओपीडी में लगने वाली लाइन से बच गए।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना चार से पांच हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। मरीजों को ओपीडी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। कई-कई घंटे तक मरीज अपना नंबर आने का इंतजार करते रहते हैं। मरीजों की इस समस्या को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने आभा एप शुरू करने की तैयारी की। ताकि मरीजों को ओपीडी में लाइन नहीं लगानी पड़े और वह घर से ही अपना रजिस्ट्रेशन एप के जरिये कर सकें।
बुधवार को आभा एप की शुरुआत हुई तो एप का क्यूआर कोड भी मेडिकल कॉलेज में जगह-जगह चस्पा कर दिया, ताकि मरीज या फिर उनके तीमारदार वहां आकर अपने मोबाइल से क्यूआर कोड को स्केन कर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकें। बृहस्पतिवार को इस एप का लाभ 247 मरीजों ने उठाया। उन्होंने एप डाउनलोड करने के बाद अपना ओपीडी रजिस्ट्रेशन किया और टोकन नंबर मिलने के बाद वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने वालों की सहायता को खोले गए आभा काउंटर पर मरीज पहुंचे और अपना टोकन नंबर वहां के कर्मचारियों को बताया। टोकन नंबर बताने के बाद उनको तुरंत ओपीडी का पर्चा दिया गया। साथ ही ओपीडी में जो भी मरीज पहुंचे थे, उनको भी बताया गया कि वह घर बैठे रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा डॉक्टर भी मरीजों को एप के बारे में बताते रहे।
आभा एप मरीजों की सहायता के लिए शुरू किया गया है। वह अपने घर से ही अब रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। पहले दिन ही कई मरीजों ने अपना रजिस्ट्रेशन एप के जरिये किया, इसके बाद उनको यहां लाइन में लगना नहीं पड़ा। -डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज