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खंडहर नहीं...ये सरकारी स्कूल हैं, जान हथेली पर रखकर यहां पढ़ते हैं बच्चे

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बिल्सी के खैरी गांव का स्कूल में खड़ा जर्जर भवन,जिससे बच्चों को हर समय खतरा बना रहता है। संवाद - फोटो : BADAUN
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बिल्सी। यह दिखते खंडहर जैसे हैं, लेकिन यह सरकारी स्कूल हैं। सालों पुरानी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों की बिल्डिंग यहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए काफी खतरनाक हो गई हैं। बावजूद इसके जान जोखिम में डालकर यहां बच्चे पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
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पिछले दिनों मोहल्ला संख्या छह में स्थित प्राथमिक स्कूल को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नगर के मोहल्ला संख्या तीन में स्थित नवीन प्राथमिक स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया। दरअसल, पिछले दिनों एसडीएम प्रवर्धन शर्मा ने इस स्कूल का निरीक्षण किया था, जिसके बाद उन्होंने इसकी हालत खराब देखकर इसे शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में नवीन प्राथमिक स्कूल परिसर में तीन स्कूलों के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। क्योंकि विभाग के पास इतनी धनराशि नहीं है कि वह पुराने भवनों को धराशायी कराकर उनके स्थान पर नए भवनों को बना सके। नतीजतन नगर में सरकारी स्कूलों की संख्या दिनों दिन कम होती जा रही है। वर्तमान में नगर क्षेत्र में मात्र दो ही स्कूल रह गए है।
इसी तरह क्षेत्र के गांव खैरी में स्थित संविलियन स्कूल में एक पुराना भवन काफी दिनों से जर्जर स्थिति में है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे उस जर्जर भवन के निकट खेलते रहते है, जिससे यहां पर भी हर समय खतरा बना रहता है। स्कूल के स्टाफ का कहना है कि इस जर्जर भवन के संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। दो वर्ष पहले तत्कालीन मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने भी भवन की दयनीय स्थिति का निरीक्षण करते हुए शीघ्र ध्वस्तीकरण कराए जाने के निर्देश जिलाधिकारी एवं विभागीय अधिकारियों को दिए थे। बावजूद इसके आज तक इस भवन का ध्वस्तीकरण नहीं कराया गया।
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केवल यही नहीं, इसी तरह क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक स्कूलों के भवन की स्थिति जर्जर बनी हुई है। क्षेत्र के गांव नाई पिंडरी स्थित प्राथमिक स्कूल समेत क्षेत्र के कई स्कूलों में तो मामूली बरसात होने पर उनका लिंटर टपकना शुरू हो जाता है, जिससे बच्चों को पढ़ाई करने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कई स्कूल में बिजली के कनेक्शन तो हैं, मगर बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए पंखे नहीं लगवाए गए है।
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अंबियापुर ब्लॉक क्षेत्र में कुल विद्यालय
प्राथमिक स्कूल- 89
उच्च प्राथमिक स्कूल- 23
संविलियन स्कूल- 14
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इन विद्यालयों के ध्वस्तीकरण की जा चुकी है रिपोर्ट
-बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षाधिकारी अंबियापुर की ओर से नगर के मोहल्ला संख्या छह प्राथमिक स्कूल के अलावा क्षेत्र के गांव खैरी, रिसौली के उच्च प्राथमिक स्कूल और फकीराबाद, पहाड़पुर, उलैया, कटिन्ना, बन बेहटा, बैरमई बुजुर्ग, रामपुर टांडा, अकौली, ओया, बमेढ़, रिसौली के प्राथमिक स्कूल के जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट जा चुकी है।
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अंबियापुर विकास खंड में आने वाले स्कूलों के जर्जर भवनों का चिह्नीकरण कराया गया है। यहां 14 विद्यालय जर्जर हैं। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
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- अशोक कुमार पाठक, बीईओ अंबियापुर
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