बदायूं। सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च में ईस्टर मनाया गया। पादरी ईपी सिंह ने प्रभु यीशु के जीवित होने का घटनाक्रम बताया और कहा कि महिलाएं जब प्रभु यीशु मसीह को ढूंढ रही थी कब्र में तब फरिश्तों ने बताया कि तुम कब्रों में क्या ढूंढ रही हो वो तो जी उठे हैं। उन्होंने कहा कि ईस्टर आत्मनिरीक्षण के लिए समय देता है। यह जीवन के आशीर्वादों पर विचार करने, क्षमा मांगने और दूसरों के प्रति करुणा बढ़ाने का अवसर भी है। दान के कार्य करें। प्रेम और सद्भाव के साथ रहें। पादरी अभिषेक सिंह ने सभी लोगों के लिए प्रार्थना की। अमन भारती, नवीन मैसी, भानु जॉन, अंकित लाल, रोहित जेम्स, आयुष मैसी मौजूद रहे। बच्चों और महिलाओं ने यीशु मसीह के बलिदान का बखान करते हुए गीत गाए। छोटे बच्चे अरनव भारती ने गीत गया- परमेश्वर ने अपना पुत्र भेजा हमें उद्धार देने के लिए, हमें उद्धार देने के लिए। संवाद