बदायूं। अयोध्या में जब से रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, तब से जिले के लाखों श्रद्धालु उनके दर्शन को तरस रहे हैं। वह चाहते हैं कि जल्द से जल्द प्रभु श्रीराम के दर्शन हों लेकिन असुविधा से बचने के लिए जरूरी है कि वे अभी कुछ समय इंतजार करें। कुछ समय पहले तो स्थिति यह थी कि वहां अचानक भीड़ बढ़ने से अयोध्या के लिए शुरू की गईं दोनों रोडवेज बसों को रोक दिया गया था। फिलहाल इसमें से एक बस को फिर शुरू कर दिया गया है।
जिले की जनता रामलला के दर्शन को बेकरार है। बताया जा रहा है कि 27 और 28 जनवरी को जिले से बड़ा जत्था अयोध्या रवाना होने वाला था। इसके लिए कई निजी बसें भी बुक की गईं थीं लेकिन उस दौरान अयोध्या में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। शुरुआती दौर में 50 किलो मीटर पहले तक वाहनों को रोक दिया जा रहा था।
इससे श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन करने को पैदल जाना पड़ रहा था। इसके बावजूद भीड़ कम नहीं हो रही थी। 22 जनवरी को रामलला की की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। उसके बाद से भीड़ बढ़ना शुरू हो गई। इससे बदायूं जिले से रोजाना जाने वाली दोनों रोडवेज बसों पर रोक लगा दी गई। कोशिश यह की जा रही थी कि निजी वाहनों को भी रोका जाए।
यहां परिवहन विभाग के एआरटीओ प्रवर्तन अंबरीश कुमार ने प्राइवेट बस यूनियन और अन्य वाहनों के मालिकों व चालकों से संपर्क किया था। उनसे कुछ समय रुकने के बाद रामलला के दर्शन करने को कहा गया था। हालांकि अब भी अयोध्या की यातायात व्यवस्था में ज्यादा सुधार नहीं आया है, जिससे अधिकारी अब भी लोगों से थोड़ा और इंतजार करने के लिए कह रहे हैं। हालांकि रविवार से एक रोडवेज बस फिर से अयोध्या के लिए ट्रायल बतौर शुरू की गई है।
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10 फरवरी के बाद जाएंगें भाजपा नेता
जिले के भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी रामलला के दर्शन को तरस रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों का भी उन्हें पालन करना है। इससे सभी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 10 फरवरी के बाद अयोध्या जाने का विचार किया है। हालांकि अभी उन्हाेंने कोई तारीख तय नहीं की है लेकिन जो भी योजना बनेगी वह 10 फरवरी के बाद की होगी। यह भी कहा जा रहा है कि एक साथ छह-सात हजार लोगों को एक बार में ही अयोध्या दर्शन कराने की योजना भी बन रही है।
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अयोध्या जाने के लिए कई बसें और अन्य वाहन बुक किए गए थे। बाद में कहा गया कि अभी अयोध्या जाने से बचें। तमाम लोग मान गए। इससे लोग फिलहाल अयोध्या जाने से बच रहे हैं। जब यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा तो लोग आराम से जा सकते हैं और दर्शन कर सकते हैं।
- अंबरीश कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन