काजल की मौत के बाद चालक मौके पर से भाग गया। उसने ट्रैक्टर भी बंद नहीं किया। मौके पर ग्रामीणों का जमघट लग गया। काजल के पिता रेशमपाल ने फोन कर पुलिस को बुला लिया। पिता ने ट्रैक्टर चालक की भूमिका पर सवाल भी उठाया है। आरोप है कि चालक की उससे रंजिश रखने वाले एक परिवार के लोगों से सांठगांठ है। इंसपेक्टर (क्राइम) मोना सिंह ने बताया कि शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने को भेज दिया गया है। मृतका के परिवार की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैक्टर-थ्रेसर की आवाज में दब गई काजल की चीख
थ्रेसरिंग के दौरान ट्रैक्टर और थ्रेसर की आवाज इतनी तेज होती है कि किसी को पास में खड़े व्यक्ति की आवाज भी सुनाई नहीं देती। काजल के साथ भी ऐसा ही हुआ। कपलिंग बेल्ट में दुपट्टा उलझने के बाद काजल ने चीख-पुकार भी मचाई। मां गुड्डी जब आगे बढ़ी, तब तक काजल की गर्दन बेल्ट में फंस चुकी थी। उसकी आवाज चालक को सुनाई नहीं दी।
जिस वक्त हादसा हुआ, तब काजल के भाई-बहनों में रजनी (14), अमित (12) और पांच साल की लक्ष्मी के अलावा ताई शारदा भी थ्रेसर के पास थी। काजल के शव की दशा देखकर मासूम भाई-बहन बदहवास हैं। मृतका के पिता ने बताया कि चालक मौके पर से भागने की बजाय अगर उसी समय ट्रैक्टर बंद कर देता तो शायद काजल की जान बच जाती।