बदायूं। शहर से उसावां जाने वाले रोड पर जलभराव की समस्या पानी का निकास कराकर खत्म करा दी गई है, लेकिन अब सड़क पर धूल उड़ने से राहगीरों को दिक्कत हो रही है। बड़ा वाहन निकलने के बाद यहां लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे शहर से होकर निकाल रहा है। शहर समेत कुछ जगहों पर यह हाईवे काफी टूट चुका है। इस पर चलना मुश्किल हो गया है। गौरीशंकर मंदिर के पास करीब 900 मीटर सड़क टूटी है। करीब 500 मीटर में तो सड़क का नामोनिशान तक मिट गया है। यहां जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। पिछले दिनों हुई बारिश में यहां पर एक से दो फुट तक पानी भर गया था।
इस पानी में कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हो गए थे तो एक पानी में करंट आने से एक घोड़ा भी मर गया था। इसके बाद में यहां मोटर लगाकर पानी का निकास तो करा दिया गया, लेकिन अब पानी सूखने के बाद में अब सड़क पर काफी धूल उड़ने लगी है। मुसीबत तब आती है जब कोई बड़ा वाहन निकलता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह धूल सांस के साथ अंदर जाकर फेफड़ों में समस्या भी पैदा कर सकती है।
लग्जरी गाड़ियों में निकल जाते हैं अफसर-नेता
इस रोड पर धूल की वजह से राहगीरों का निकला मुश्किल हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को इससे कोई परेशानी नहीं है। वे तो आसानी से गाड़ियों के शीशे चढ़ाकर आराम से निकल जाते हैं। लोगों का कहना है कि इन नेताओं को यहां रोजाना पैदल घुमाया जाए तो शायद इन्हें जनता के दर्द का अहसास हो।
सांस संबंधी बीमारियों का खतरा
धूल में मौजूद कण सांस के साथ शरीर में पहुंच जाते हैं। इसकी वजह से नाक बहना, छींक आना, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। सांस संबधित बीमारी भी हो जाती है। ऐसे में कोशिश रहे कि धूल वाली जगहों से निकलने में परहेज करें। अगर जाना ही पड़े तो नाक ढककर चलें, हो सके तो चश्मा का भी उपयोग करें। ताकि आंखों को भी नुकसान न हो। -डॉ. नितिन कुमार, ईएमओ जिला अस्पताल