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Budaun News: फैजगंजबेहटा व कुवंरगांव में दस बजे के बाद पहुंचे डॉक्टर, मरीज करते रहे इंतजार

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बदायूं। आरोग्य मेले रविवार को सुबह आठ बजे से शुरू होने थे पर फैजगंजबेहटा और कुवंरगांव सीएचसी पर डॉक्टर व कर्मचारी 10 बजे के बाद पहुंचे। तब तक मरीजों ने इंतजार किया तो कई लौट भी गए। सैदपुर, बिल्सी और वजीरगंज के एमओआईसी ने बिना किसी आदेश के ही मेला बंद होने की घोषणा कर डाली और मरीजों को लौटा दिया गया।
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जिले में 17 सीएचसी और 43 न्यू पीएचसी हैं। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को छोड़ दें तो ग्रामीण क्षेत्र में 60 सरकारी अस्पताल हैं। जहां आरोग्य मेला लगाए जाने थे। इसमें नौ सरकारी अस्पतालों की पड़ताल की गई। दो अस्पतालों में चिकित्सक देरी से पहुंचे। सैदपुर, वजीरगंज और बिल्सी में मेला ही नहीं लगा। बिसौली, कछला, उसावां, अलापुर में समय से डॉक्टर पहुंचे। यहां मरीजों ने पंजीकरण कराने के बाद दवा ली। आरोग्य मेले में जिले भर के एक हजार से अधिक मरीजों ने पहुंचकर दवा ली।
मेला बंद होने की सूचना पर सुबह दस बजे सीएमओ डाॅ. अब्दुल सलाम भ्रमण पर निकले। वह 10.55 बजे कुंवरगांव न्यू पीएचसी पहुंचे तो डॉक्टर और कर्मचारी नहीं थे। सिर्फ सफाई कर्मचारी था। कर्मचारी ने सीएमओ के आने की खबर दी तो फार्मासिस्ट वहां पहुंचा। सीएमओ ने उसे फटकार लगाई। कार्रवाई की चेतावनी भी दी। कुंवरगांव में अस्पताल में गंदगी मिली, जिसे तुरंत साफ करने को कहा गया। वहीं उझानी पर डॉक्टर और स्टाफ मौजूद मिला।
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स्थान: सैदपुर सीएचसी।
समय -9.55 बजे।
मुख्य द्वार खुला था। डॉक्टर और चिकित्साकर्मी नहीं थे। परिसर में बने प्रसव केंद्र में गर्भवती आई। वहां चिकित्साकर्मी थे। उन्होंने उसे अटैंड किया, लेकिन आरोग्य मेले के नाम पर सन्नाटा छाया था। चिकित्साधिकारी डॉ. जुनैद मेंहदी का कहना था कि 31 मार्च के बाद मेला लगाने के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिला। इसलिए मेला नहीं लगाया गया।


स्थान: कुवंरगांव। समय- 10.40 बजे।
कुंवर कस्बा निवासी झब्बू अपने बेटे को लेकर पहुंचे। बेटे को बंदर ने काट लिया था। एंटीरैबीज इंजेक्शन लगना था। सफाई कर्मचारी मिला। उसने झब्बू को बताया कि आज रविवार है, कोई नहीं आएगा। सोमवार को आकर इंजेक्शन लगवा लेना। झब्बू लौटने लगा। तभी सीएमओ पहुंच गए। सीएमओ के पहुंचने की वजह से फार्मासिस्ट आ गए थे। सीएमओ ने तत्काल अपने सामने ही उन्हें इंजेक्शन लगवाया। साथ ही गैरहाजिरी पर फटकार भी लगाई।

स्थान: वजीरगंज पीएचसी। समय: 8:30 बजे।
पीएचसी खुली थी पर डॉक्टर और मरीज नहीं थे। फोन पर जब आरोग्य मेले के बारे में चिकित्साधिकारी राजकुमार से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक मेला लगाए जाने के आदेश थे। शायद इसलिए यहां एक बजे तक कोई चिकित्साधिकारी-कर्मचारी नहीं पहुंचा। मरीज भी नहीं आए। वहीं सीएमओ का कहना है कि 31 मार्च तक मेला लगाने के आदेश थे, लेकिन इसके बाद रोके जाने का कोई आदेश नहीं है।

स्थान: फैजगंज बेहटा सीएचसी
समय 9:45 बजे
चिकित्साधिकारी डॉ. पारुल सिंह नहीं आईं थीं। वार्ड बॉय ने बताया कि डॉक्टर अभी नहीं आए हैं। दो मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। दस बजे के बाद तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। न ही चिकित्साकर्मी ही नजर आए। मरीज लौटते रहे। 11 बजे डॉक्टर पहुंचीं, तब मरीजों को उपचार मिला।

गेहूं की कटाई शुरू हो गई है। रविवार के दिन वैसे भी मरीज कम ही आते हैं। काम के समय में मरीजों की संख्या कम रही है। फिर भी एक हजार से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराने के साथ ही दवा ली। कुंवरगांव में एंटी रैबीज लगवाने आए बच्चे को लौटा दिया था, जिसे बुलाकर वैक्सीन लगवाई गई। आरोग्य मेला बंद किए जाने के संबंध में उनके पास कोई आदेश नहीं है। -डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ
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