पता लगाएंगे कि इलाज में लापरवाही से तो नहीं हुई विधायक की मौत
डीएम ने किया जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, नहीं मिली एंबुलेंस
डीएम ने शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं को परखा। इस दौरान मौके पर एंबुलेंस न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। प्रभारी सीएमओ को निर्देश दिए कि एंबुलेंस में चिकित्सा सुविधाओं का ध्यान रखें। साथ ही बिलारी के सपा विधायक हाजी मोहम्मद इरफान के इलाज में अस्पताल के रवैये की मजिस्ट्रेटी जांच भी एडीएम प्रशासन अशोक कुमार को सौंपी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसे के बाद इलाज में लापरवाही के कारण तो मौत नहीं हुई।
बता दें कि सपा विधायक मोहम्मद इरफान को जिस एंबुलेंस से बरेली रेफर किया गया था, उसमें चिकित्सा सुविधाओं का अभाव था। आरोप है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर तक नहीं था। डीएम ने इसे गंभीरता से लिया। शुक्रवार को वह जिला अस्पताल पहुंचे। विधायक और घायलों का इलाज करने वाले डॉक्टरों से बात की। विधायक के अस्पताल आने और यहां से बरेली के लिए रेफर किए जाने का समय देखा। डीएम के अस्पताल पहुंचने से पहले अस्पताल प्रशासन को बता दिया गया था कि एंबुलेंस को भी बुला लिया जाए।
निरीक्षण के दौरान जब अस्पताल में कोई एंबुलेंस नहीं मिली तो डीएम ने नाराजगी जताई। बाद में एंबुुलेंस को बुलाया गया। डीएम ने इसकी बारीकी से जांच की। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
गंदगी पर जताई नाराजगी
डीएम को जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान गंदगी मिली। उन्होंने नाराजगी जताते हुए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
पैकफेड पर होगी कार्रवाई
अस्पताल के निरीक्षण के बाद डीएम ने नवीन इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। यहां काम अधूरा पाया गया। डीएम ने कार्यदायी संस्था पैकफेड पर कार्रवाई का आदेश दिया।
घायल विधायक का ब्लड ग्रुप तक नहीं जांचा
प्रोटोकाल को दरकिनार कर स्लैप पर भी लिटाया
हादसे में घायल सपा विधायक हाजी मोहम्मद इरफान की मौत के बाद जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। अब एक बड़ी लापरवाही सामने आई है कि बेहतर इलाज तो दूर विधायक का ब्लड ग्रुप तक नहीं जांचा गया। प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए विधायक को इमरजेंसी में स्लैप पर लिटाया गया था। इलाज के नाम पर दो-तीन इंजेक्शन और आईवी फ्लूड लगाकर उनको छोड़ दिया गया। अस्पताल प्रशासन मामले में गले न उतरने वाली सफाई दे रहा है।
मुरादाबाद के बिलारी के सपा विधायक हाजी मोहम्मद इरफान गुरुवार को कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव की शादी में शामिल होने सैफई जा रहे थे। रास्ते में उनकी फॉर्च्युनर कार मुजरिया-कछला के बीच बिचौला गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। कार सवार सपा नेता केपी यादव और चालक फरजंद की मौके पर मौत हो गई थी। छह लोग घायल हुए थे। इनको जिला अस्पताल लाया गया। यहां घायलों को इलाज नहीं मिला। सभी को आनन-फानन में बरेली रेफर कर दिया गया। बरेली जाते वक्त सपा विधायक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
बाद में पता लगा कि जिस एंबुलेंस से विधायक को बरेली भेजा गया था उसमें ऑक्सीजन तक नहीं थी। विधायक के साथ कोई डॉक्टर नहीं भेजा गया। सिर्फ दो अप्रशिक्षित फार्मासिस्ट को भेजा गया था। एंबुलेंस में न तो जरूरी दवाएं थीं और न ही विधायक को रेफर करने से पहले उनका ब्लड ग्रुप जांचा गया। वीआईपी ट्रीटमेंट में लापरवाही से अस्पताल प्रशासन की किरकिरी हो रही है।
ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने विधायक का ब्लड ग्रुप चेक कराना जरूरी नहीं समझा होगा। उनकी हालत गंभीर थी। इस वजह से उनको बरेली रेफर किया गया था।
-डॉ. शशि कुमार अग्निहोत्री, सीएमएस
अस्पताल प्रशासन की शिकायत मुख्यमंत्री से
सपा विधायक हाजी मोहम्मद इरफान के इलाज में लापरवाही की शिकायत मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से की गई है। सपा के जिला पंचायत सदस्य और विधायक मोहम्मद इरफान के करीबी डॉ. शहील अहमद ने शिकायत कर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. शकील अहमद का कहना है कि विधायक के घायल होने की खबर पर वह भी जिला अस्पताल पहुंच गए थे। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने घोर लापरवाही की। जिला अस्पताल के सीएमएस ने भी संवेदनहीनता का परिचय दिया। इलाज के नाम पर सिर्फ मरहम पट्टी की गई। डॉ. शकील ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के नौ बिंदुओं को उजागर करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री से की है।