बदायूं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने जिले में एक जिला एक खेल (ओडीओएस) के तहत अब तीरंदाजी खेल को चुना गया है। खेल निदेशालय की ओर से तीरंदाजी कोच भी तैनात कर दिया गया है। इससे पहले ओडीओएस के तहत बैडमिंटन को चुना गया था, लेकिन कोच न मिलने और खिलाड़ियों की संख्या कम होने के कारण खेल प्रशासन की ओर से इसके बदलाव की मांग की गई थी।
पिछले दिनों तीरंदाजी को जिले का मुख्य खेल बनाया गया। खेल प्रशासन की ओर से तीरंदाजी के लिए कोच के रूप में सोमेंद्र को नियुक्त किया गया है। खेल अधिकारियों का मानना है कि इससे जिले में अच्छे खिलाड़ी उभर कर आएंगे जो देश-प्रदेश में अपना और अपने जनपद का नाम रोशन करेंगे। कोच सोमेंद्र का कहना है कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि वह जिले के खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से सिखा पाएं।
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जनपद का नाम ऊंचा कर चुकी है बेटी
उझानी निवासी कशिश खान ने तीरंदाजी को अपना मुख्य खेल बनाया था और वह लगातार आगे बढ़ती गई। कशिश ने तीरंदाजी में जिले का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन किया। उन्होंने भारत तिब्बत सीमा पुलिस में नौकरी भी हासिल की, जो खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा में बन रही है।
खेल के बदलाव की फाइल चलने के बाद मिला था कोच
जिले में पहले बैडमिंटन मुख्य खेल के रूप में चयनित हुआ था, लेकिन काफी समय तक कोच नहीं मिलने पर खेल कार्यालय ने इसको बदलवाने के लिए फाइल शासन को भेज दी। इसी दौरान जिले में बैडमिंटन कोच के रूप में नाजिया का चयन हो गया। तब तक खेल बदलाव की फाइल काफी आगे बढ़ चुकी थी, जिसके बाद तीरंदाजी को चुन लिया गया।
शासन की ओर से ओडीओएस के लिए तीरंदाजी को चुना गया है। उसके कोच भी तैनात हो गए हैं। अब कोई दिक्कत नहीं होगी और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी ताकि वे जिले का नाम रोशन करते हुए आगे बढ़ सके। -अमित रिछारिया, जिला क्रीड़ा अधिकारी