बदायूं में शारदीय नवरात्रि के साथ पूर्णागिरि मेला जाने वाले की संख्या बढ़ी है, लेकिन दस माह पहले बदायूं से टनकपुर के लिए बंद की गई सीधी बस सेवा अब तक शुरू नहीं हो सकी। बदायूं समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर वर्ष पूर्णागिरि दर्शन करने जाते हैं। बदायूं से पीलीभीत और टनकपुर के लिए सीधी रेल सेवा भी नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं को दिक्कत हो रही है।
पूर्वोत्तर रेलवे के बरेली-कासगंज रेल रूट पर बदायूं-काशीपुर, बदायूं-लालकुआं, बदायूं-बरेली सिटी के बीच तो ट्रेनों का संचालन होता है, लेकिन कोरोना काल में बंद की गई बदायूं-टनकपुर रेल सेवा अब तक शुरू नहीं हो सकी। इस रूट पर सीधी बस सेवा भी नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को बदायूं से टनकपुर और पीलीभीत के लिए टुकड़ों में सफर पूरा करना पड़ रहा है। हालांकि, बदायूं डिपो ने इस बार नवरात्रि शुरू होने से पहले बदायूं- टनकपुर के बीच सीधी बस सेवा सात सितंबर से शुरू की थी, लेकिन तीन दिन के बाद ही बंद हो गई।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बीच इस रूट को लेकर करार है। इस करार के तहत बरेली से पीलीभीत और टनकपुर के लिए तो बसों का संचालन होगा, लेकिन बदायूं से बसों का संचालन नहीं होगा। पिछले दिनों जब बस सेवा शुरू हुई तो तीन दिन बाद ही उत्तराखंड परिवहन निगम ने नोटिस निकाल कर बस सेवा बंद करा दी।
एआरएम ने आरएम को लिखा पत्र
बदायूं से पीलीभीत खटीमा, बनबसा होते हुए टनकपुर के लिए सीधी बस सेवा शुरू कराने के लिए बदायूं डिपो के एआरएम ने आरएम बरेली को पत्र लिखा है। अनुरोध किया गया है कि बदायूं डिपो को भी बदायूं-टनकपुर रूट पर बसों के संचालन को परमिट दिया दिया जाए। इस रूट पर डिपो को अच्छी आमदनी होती है। अब आरएम के स्तर से सीधी बस सेवा शुरू करने को लेकर कार्रवाई बाकी है।
फैक्ट फाइल
- बदायूं-टनकपुर रूट के स्टेशन- पीलीभीत, नवाबगंज, खटीमा, वनबसा, मझोला, न्यूरिया।
- मेला के दौरान रूट पर बस का लोड फैक्टर- 110 प्रतिशत
- मेला के दौरान प्रतिदिन सीधी टनकपुर को सवारियां- लगभग 50-60
- बदायूं-टनकपुर रूट के स्टेशनों की प्रतिदिन सवारियां- औसतन 200
बदायूं- टनकपुर रूट पर बदायूं डिपो की एक बस का संचालन हो रहा था। करीब दस महीने पहले उसे बंद कर दिया गया। पूर्णागिरि मेला को देखते हुए पिछले महीने फिर से संचालन शुरू किया गया, लेकिन उत्तराखंड के अधिकारियों ने बंद करा दिया। संचालन शुरू कराने को आरएम को लिखा गया है।
-विनोद कुमार शुक्ला, एआरएम बदायूं डिपो