कुंवरगांव में मृतक के घर के बाहर जुटी लोग। संवाद
कुंवरगांव। माता-पिता के घायल होने मात्र की सूचना के बाद जब तीनों बेटों ने उनके शव देखे तो वे बिलख उठे। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे, वहां मौजूद हर शख्स भी देखकर रोने पर मजबूर हो गया। मंगलवार को मुजरिया क्षेत्र में दंपति की मौत हो गई थी, परिवार वालों ने घर से बाहर रह रहे बेटों को सिर्फ घायल होने की सूचना दी थी। जब वे सभी बुधवार को घर पहुंचे तो चीख निकल गई। सभी बेटे फफक-फफक कर रोने पर मजबूर हो गए।
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव कसेर पनौटा निवासी चिरौंजीलाल और उनकी पत्नी नत्थो देवी की मंगलवार शाम मुजरिया थाना क्षेत्र में ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी। मौके पर मौजूद पुलिस ने उनकी बेटी को सूचना दी थी। बेटी ने गुजरात में रहने वाले भाई प्रेमपाल को बताया कि माता-पिता एक सड़क हादसे में घायल हो गए हैं। वहीं, प्रेमपाल ने दिल्ली में मजदूरी कर रहे भाई पुष्पेंद्र, रूपेंद्र और अमरपाल को भी घटना की जानकारी दी।
अमरपाल ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले अपनी मां को कॉल लगाई। उनका मोबाइल ही रिसीव नहीं हुआ तो उन्होंने अपने पिता को कॉल लगाई। दूसरी कॉल करने पर दारोगा ने रिसीव की। दरोगा ने भी हादसे की बात नहीं बताई। बताया कि हालत गंभीर है। जल्दी यहां आ जाएं। बस में सवार होकर रात करीब दो बजे तीनों भाई यहां आ गए। तब उन्हें पता चला कि मां-बाप की मौत हो चुकी है। शव पोस्टमार्टम हाउस पर रखे हैं। इस पर तीनों भाई पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
मां-बाप के शव देखकर वह बिलख उठे। चौथा भाई प्रेमपाल बुधवार दोपहर दो बजे तक जयपुर आ गया था। वह रात तक घर पहुंचेगा। पुलिस ने दोनों शवों के पोस्टमार्टम करा दिए हैं। परिवार वालों ने शाम करीब पांच बजे उनके अंतिम संस्कार कर दिए। ग्रामीणों ने बताया कि चिरौंजीलाल मूलरूप से सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव कठोली के रहने वाले थे। कसेर पनौटा गांव में उनकी ननिहाल है। वह करीब 30 साल पहले यहां आए थे और यहीं बसकर रह गए।