रिसौली में रामकथा को सुनते लोग। संवाद
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव रिसौली में मोहन पट्टी में चल रही रामकथा आठवें दिन रवि समदर्शी महाराज ने भगवान के वनवास की कथा सुनाई।
उन्हाेंने सुनाया कि राजा दशरथ एक दिनन राज भवन में सभी मंत्रियों के सामने शीशा मंगाते हैं उसमें वह खुद को देखते हैं तो पाते है कि उनका मुकुट टेड़ा है और कुछ बाल सफेद हो रहे हैं। वह समझ जाते हैं कि अब त्याग और प्रभु की शरण में जाने का समय आ गया है। उनको अब अपने बड़े पुत्र राम को राज सौंप देना चाहिए। मंथरा को इसका पता लगता है तो वह कैकई के पास जाती है। कैकई राजा दशरथ से दो वरदान मांगती हैं। इनमें एक राम को वनवस और दूसरा भरत को राज सिंघासन होता है। इसके बाद राम, सीता और लक्ष्मण 14 साल के वनवास पर चले जाते हैं। इस मौके पर सोनू शर्मा, विपिन सिंह, योगेश बजाज, भानू चौहान, सतीश कश्यप, अवधेश महेश्वरी, अवधेश पाली, राजेश पाली, दुष्यंत सोलंकी, राजेंद्र शर्मा आदि रहे।