बदायूं। फिरौती के लिए 19 साल पहले अपहरण करने के मामले में एडीजी पंचम डकैती कोर्ट योगेश कुमार ने कलुआ गैंग के सदस्य देवेंद्र फौजी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बदायूं और शाहजहांपुर जिले की सीमा पर स्थिति गंगा व रामगंगा की कटरी में करीब तीन दशक पहले कल्लू-नज्जू गिरोह का आतंक था। कल्लू की मौत के बाद गिरोह की कमान देवेंद्र फौजी निवासी अरनिया थाना बीसलपुर, पीलीभीत के हाथ में आ गई थी। देवेंद्र, नज्जू का भांजा बताया जाता है। देवेंद्र फौजी ने वर्ष 2004 में दातागंज क्षेत्र के गांव कमां निवासी लक्ष्मीनारायण और उनके साथी राधेश्याम का अपहरण कर लिया था। फिरौती की रकम वसूलने के बाद दोनों को छोड़ा गया था।
इस मामले में लक्ष्मीनारायण की ओर से देवेंद्र फौजी के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विवेचना उपनिरीक्षक सौदान सिंह ने की। पुलिस ने देवेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचक ने सभी साक्ष्य संकलन करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। सोमवार को अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने न पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एडीजी पंचम डकैती कोर्ट योगेश कुमार ने देवेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।