एक सप्ताह पूर्व नगर में लोगों ने एक बेजुबान वृद्धा को कस्बे में भटकते देखा। भारी उम्मीद से वह लोगों की तरफ आस भरी आंखों से देखती है, जब कोई इस बुजुर्ग से उसके बारे में पूछता है, तो वह कुछ बता नहीं पा रही थी। एक व्यक्ति ने इसे अपने घर पर रोक लिया है। तमाम प्रयास के बाद यह पता नहीं लग रहा है कि वृद्धा कहां की है और कहां जाना चाहती है। इस उम्र में जहां बूढे़ मां-बाप को अपने बच्चों के सहारे की जरूरत होती है। यह वृद्धा दर-दर भटकने को मजबूर है। नगर के वार्ड एक निवासी विकलांग ओमप्रकाश के घर यह वृद्धा रह रही है। उसके पास एक थैली है, इसमें इनके कुछ कपड़े रखे हुए हैं। थैली पर दातागंज लिखा है। इससे लोग अंदाज लगा रहा कि यह दातागंज क्षेत्र की हो सकती है।