डेंगू से हो रहीं मौतें, फिर भी नहीं
की जा रही मेलाथियान की फॉगिंग
- पायराथ्रेम की फॉगिंग के लिए बाजार से खरीदा जा रहा मिट्टी का तेल
- डेंगू की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की शासन कर रहा निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में डेंगू से मौतें हो रही हैं। बावजूद इसके जिले में मेलाथियान की फॉगिंग नहीं हो पा रही है। पायराथ्रेम की फॉगिंग के लिए भी मिट्टी का तेल बरेली से बाजार भाव पर खरीदा जा रहा है। ऐसा तब है जबकि शासन स्तर से डेंगू की रोकथाम के लिए जिलों में किए जा रहे उपायों की निगरानी की जा रही है।
मच्छरजननित बीमारियों के लिहाज से बदायूं हाईरिस्क श्रेणी में है। इस वर्ष डेंगू के मरीजों का आंकड़ा छह सौ के करीब पहुंच रहा है। इससे साफ है कि जिले में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की बहुतायत है। पिछले दिनों बरेली से आई कीट विज्ञानियों की टीम ने मच्छरों को पकड़कर जांच की तो काफी संख्या में एडीज मच्छर मिले थे। गौर करने की बात यह है कि इसके बाद भी जिले में मच्छरों के नाश के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी मेलाथियान की फॉगिंग करीब एक महीने से बंद है।
बदायूं को आंबेडकर नगर से सौ लीटर मेलाथियान मिली थी। इसमें केवल 40 लीटर का उपयोग किया गया है। दरअसल, एक लीटर मेलाथियान की फॉगिग के लिए 19 लीटर डीजल और मशीन चलाने के लिए चार लीटर पेट्रोल की जरूरत होती है। दवा को डीजल के साथ मिलाकर मशीन के जरिया फॉगिंग की जाती है।
मलेरिया विभाग को एक पेट्रोल पंप से डीजल और पेट्रोल लेना था, लेकिन भुगतान न मिलने के कारण पेट्रोल पंप ने एक नवंबर से डीजल-पेट्रोल देने से इन्कार कर दिया। ऐसे में तब से अब तक मेलाथियान की फॉगिंग बंद है। हालांकि, डेंगू प्रभावित इलाकों में विभाग पायराथ्रेम की फॉगिंग करा रहा है। पायराथ्रेम के छिड़काव में भी इसी अनुपात में मिट्टी का तेल (केरोसिन) और पेट्रोल की जरूरत होती है।
मलेरिया विभाग इसके लिए बरेली से कामर्शियल दरों पर मिट्टी का तेल खरीद रहा है। इसके लिए भी बजट का अभाव है। ऐसे में जिले में लगातार मच्छरों के प्रकोप के कारण डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं।
बिल्सी के वैन गांव में बुखार का प्रकोप, कई लोग डेंगू की चपेट में
बिल्सी। तहसील के ब्लॉक अंबियापुर में इस बार डेंगू का काफी प्रकोप रहा। यहां डेंगू के अब तक 50 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। अब क्षेत्र के गांव वैन में भी डेंगू और बुखार का प्रकोप बढ़ने लगा है। गांव में गंदगी अैर जलभराव के कारण बीमारियां फैल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप नहीं लगवाया जा रहा और पंचायती राज विभाग सफाई के साथ जलभराव पर ध्यान नहीं दे रहा। गांव के सौ से ज्यादा बुखार के मरीज हैं। इनमें कई को डेंगू जैसे लक्षण भी हैं। गांव के लोगों ने यहां सफाई कराने और हेल्थ कैंप लगवाने की मांग की है। संवाद
डीजल और पेट्रोल के लिए बजट न होने के कारण मेलाथियान टेक्निकल की फॉगिंग करीब एक महीने से बंद है। जिस पेट्रोल पंप से डीजल और पेट्रोल लिया जाता था भुगतान न होने के कारण उसने डीजल-पेट्रोल देने से इंकार कर दिया था। जिले में पायराथ्रेम की फॉगिंग कराई जा रही है। इसकी फॉगिंग के लिए बरेली से मिट्टी का तेल मिल रहा है।
- योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी