छात्रा वैष्णवी रस्तोगी का फाइल फोटो।
बदायूं। शहर के डीपॉल स्कूल में कक्षा सात की छात्रा वैष्णवी रस्तोगी (13) की रविवार को उल्टी व पेट दर्द के कारण मौत हो गई। परिजन का कहना है कि 22 अगस्त को स्कूल में बेटी को वैक्सीन लगाई गई थी। इस कारण उसकी मौत हुई है। वहीं, इस मामले में सीएमओ का कहना है कि वैक्सीन से मौत होने की बात गलत है।
शहर में काली सड़क के पास रहने वाले समर्थ रस्तोगी की बेटी वैष्णवी डीपॉल स्कूल में पढ़ती थी। पिता समर्थ के अनुसार वैष्णवी को हल्का बुखार आ रहा था। इसी दौरान 22 अगस्त को उसे स्कूल में बुखार से बचाव की वैक्सीन लगा दी गई। दूसरे दिन हालत खराब होने पर उसे बच्चों के डाॅक्टर कुमार वासु के यहां दिखाया गया। यहां करीब चार-पांच दिन दवा चली। डाॅक्टर वासु ने बच्ची को भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन परिजन रात में उसे बरेली ले गए। रविवार देर रात ही वैष्णवी ने दम तोड़ दिया।
पिता का आरोप है कि वैष्णवी की मौत वैक्सीन के कारण हुई है। वहीं, इस मामले में सीएमओ रामेश्वर मिश्रा का कहना है कि वैक्सीन से मौत की बात गलत है। किसी भी वैक्सीन का असर आधे घंटे के अंदर हो जाता है। करीब दस दिन बाद छात्रा की मौत हुई है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग जांच रिपोर्ट के आधार पर व डॉक्टर से बात कर मौत का कारण स्पष्ट करेगा। वहीं प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मोहम्मद असलम का कहना है कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। वैक्सीन का असर इतने दिनों के बाद नहीं हो सकता है। बच्ची को बुखार के साथ कोई अन्य बीमारी रही होगी। इसकी विभाग जांच कराएगा।