बदायूं। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने हालत गंभीर देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसको मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे कि उसकी महिला अस्पताल गेट पर मौत हो गई। परिवार के लोगों ने हंगामा शुरू किया तो जिम्मेदारों ने महिला को दौरा पड़ने की बात कहकर जल्द ले जाने के लिए कहा। जिस पर परिवार के लोग महिला को मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया।
दातागंज के गांव कमां निवासी अनिल कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी रेनू देवी की सोमवार सुबह अस्पताल में सामान्य डिलीवरी हुई। बेटी का जन्म होने के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने डॉक्टर को दिखाने के लिए कर्मचारियों से कहा लेकिन वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थी। काफी समय बाद डॉक्टर आई तो देखते ही रेफर कर दिया गया।
प्रसूता को नीचे लाकर एंबुलेंस में शिफ्ट किया तो उसी समय प्रसूता की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर वहां मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि महिला को दौरा पड़ा है, जल्द ले जाओ तो ठीक हो जाएगी। इस पर परिवार के लोग उसको मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने देखते ही महिला को मृत घोषित कर दिया।
परिजन शव लेकर घर चले गए। महिला की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नवजात की हालत ठीक बताई जा रही है। पति अनिल ने अस्पताल के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएमएस डॉ. इंदुकांत वर्मा ने बताया कि सामान्य प्रसव होने के बाद रक्तस्राव शुरू हो गया था। इसी दौरान महिला को दौरा पड़ने लगे जिसपर उसको मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। महिला की मौत अधिक रक्तस्राव की वजह से हुई है।