बदायूं। कोरोना को लेकर दहशत के माहौल के बीच उझानी में किशोरी समेत दो बालिकाओं की मौत पर पड़ोसियों की सूचना ने स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पैर फुला दिए। पुलिस कर्मियों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों ही स्थानों पर पहुंची तो एक की मौत की वजह दिमागी बीमारी से सामने आई। वहीं दूसरी को बुखार आने पर खसरा के लक्षण दिखे थे।
डॉक्टरों की टीम ने मृत दोनों बालिकाओं के घरवालों से भी जानकारी की। फिर भी दोनों के परिजनों का प्राइमरी चेकअप भी किया लेकिन सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं। पहला मामला ब्लॉक क्षेत्र के गांव ज्योरा पारवाला का है। गांव के सतीश की नौ वर्षीय बेटी हेमलता को पिछले महीने की शुरुआत में बुखार ने चपेट में ले लिया था। घरवाले उसे लेकर दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल में भी गए। बुखार तो ठीक हो गया लेकिन घर लौटने के बाद हेमलता के शरीर में खसरा के लक्षण नजर आने पर परिजनों ने देसी इलाज कराया। शनिवार शाम करीब पांच बजे हेमलता की मौत हो गई। पड़ोस के व्यक्ति कोरोना का शक जताकर चिकित्साधीक्षक को फोन पर बुताया तो उन्होंने पुलिस के साथ डॉक्टरों की टीम को भेज दिया। डॉक्टरों ने सतीश के परिवार के नौ सदस्यों को प्राइमरी चेकअप भी किया लेकिन किसी ने कोरोना को कोई लक्षण नजर नहीं आया।
इसके अलावा अयोध्यागंज मोहल्ले के मुहम्मद उमर की बेटी हुमा (16) की रविवार सुबह में बीमारी के चलते मौत हो गई। चिकित्साधीक्षक को हुमा के बारे में कोरोना के शक की शिकायत की गई। चिकित्साधीक्षक डॉ. सुयश दीक्षित ने बताया कि हुमा के घरवालों से जानकारी करने पर पता लगा है कि वह दिमागी बीमारी से ग्रस्त थी। उसका राजकीय मेडिकल कॉलेज और बरेली के निजी अस्पताल में भी इलाज चला लेकिन कई दिनों से घरवाले उसे घर पर ही दवाएं मुहैया करा रहे थे। चिकित्साधीक्षक उमर के घर पहुंचे तो रिश्तेदारों समेत आठ लोग मिले। सभी का चेकअप कर लिया गया है। चिकित्साधीक्षक की मानें तो दोनों के परिजन डॉक्टरों के टीम के पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार कर चुके थे।
दवाओं के पर्चे देखकर डॉक्टर हुए संतुष्ट उझानी। बालिका हुमा और हेमलता की बीमारी के चलते मौत की हकीकत तक पहुंचने के लिए डॉक्टरों ने उनके इलाज से जुड़े पर्चे भी देखे। हुमा के परिजनों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज तो ज्योरा पारवाला के सतीश ने दिल्ली में हुए बेटी के इलाज की पर्चियां पेश कर दीं। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि दोनों मृत बालिकाओं के पड़ोसी हकीकत से वाकिफ थे लेकिन उन्होंने शक होने पर ही फोन कर दिए थे।