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Budaun News: जिला अस्पताल की मोर्चरी में सात दिन से सड़ रहा शव

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Dead body rotting for seven days in the mortuary of the district hospital
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बृहस्पतिवार को पंचायतनामा भरा गया, अब 72 घंटे बाद होगा अंतिम संस्कार
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कीड़े पड़ा हुआ शव जिला अस्पताल से पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में भेजा गया
23 नवंबर को रेलवे स्टेशन पर मिला था अज्ञात व्यक्ति, दूसरे दिन हो गई थी मौत
बदायूं। जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखे अज्ञात शव की कोतवाली पुलिस की लापरवाही से दुर्दशा हो गई। सात दिन से रखा शव काफी सड़ चुका है। उसमें कीड़े पड़ गए हैं। आसपास इलाके में दुर्गंध फैली तो कोतवाली पुलिस को दोबारा सूचना दी गई। तब कहीं जीआरपी से मीमो मिला और उसका पंचायतनामा भरा गया। अब 72 घंटे पूरे होने के बाद शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
यह अज्ञात शव किसका है, अभी इसका पता नहीं चला है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, 23 नवंबर को एक अज्ञात व्यक्ति रेलवे स्टेशन के गेट पर बीमार हालत में पड़ा मिला था। उसकी हालत ज्यादा खराब थी। आसपास इलाके के लोगों ने उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवा दिया। अस्पताल में भर्ती कर उसका उपचार किया गया, लेकिन उसकी हालत नहीं सुधरी। 24 नवंबर को उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया और उसका मीमो बनाकर कोतवाली पुलिस को भेज दिया था। पुलिस के वर्तमान नियम के अनुसार, अज्ञात शव 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखा जाता है। अगर 72 घंटे से पहले उसकी पहचान हो जाती है तो उसका पोस्टमार्टम करा दिया जाता है। अन्यथा 72 घंटे के बाद पोस्टमार्टम और फिर उसी दिन उसका अंतिम संस्कार किया जाता है। यहां इस अज्ञात व्यक्ति के शव का अब तक न तो पंचायतनामा भरा गया, न पोस्टमार्टम ही हुआ।
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उधर, बृहस्पतिवार की सुबह जिला अस्पताल प्रशासन को पता चला कि 24 नवंबर से एक अज्ञात शव मोर्चरी में रखा सड़ रहा है तो फिर से कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस ने जीआरपी को मीमो भेजा। तब कहीं जीआरपी ने उसका पंचायतनामा भरा। अब 72 घंटे बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और अंतिम संस्कार होगा। अब उसे अस्पताल की मोर्चरी से पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
ऐसे बदला नियम
चार साल पहले अज्ञात शवों का तुरंत पोस्टमार्टम करा दिया जाता था। फिर 72 घंटे के लिए मोर्चरी में पहचान कराने के लिए रखा जाता था। समय पूरा होने के उपरांत अंतिम संस्कार होता था। उस दौरान मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर एक युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने उसके शव का 72 घंटे से पहले पोस्टमार्टम करा दिया था। इस पर परिवार वालों ने एतराज जताया था। उस वक्त तत्कालीन एसएसपी अशोक कुमार ने 72 घंटे बाद ही पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए थे। तब से यही नियम चला आ रहा है।
कोतवाली के मुंशी पर हो सकती है कार्रवाई
बताते हैं कि अस्पताल प्रशासन ने अज्ञात व्यक्ति की मृत्यु के तुरंत बाद कोतवाली में मीमो भिजवा दिया था। यह मामला जीआरपी का था। कोतवाली से यह सूचना जीआरपी को दी जानी थी, लेकिन मुंशी ने यह सूचना जीआरपी को नहीं दी। इस लापरवाही में उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
जिला अस्पताल की मोर्चरी में सात दिन से एक शव के रखे होने की सूचना मिली है। इसमें कोतवाली के मुंशी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जीआरपी को सूचना दे दी गई है। उसका पंचायतनामा भरवा दिया गया है।
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- आलोक मिश्रा, सीओ सिटी
अज्ञात व्यक्ति का शव रखे होने की सूचना हमारे पास बृहस्पतिवार की दोपहर पौने 12 बजे आई। हमने तुरंत वहां पहुंचकर पंचायतनामा भरा। अब नियम के मुताबिक, उसे 72 घंटे मोर्चरी में रखा जाएगा। तभी पोस्टमार्टम होगा। वैसे उसका पोस्टमार्टम अब तक हो जाना चाहिए था। हमें सूचना ही देरी से दी गई। इससे ऐसा हुआ।
- संजय कुमार, इंस्पेक्टर थाना जीआरपी
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