कछला घाट से पहले बेरियर पर तैनात पुलिस और नगर पंचायत कर्मी। संवाद
उझानी (बदायूं)। नगर पंचायत प्रशासन के गंगाघाट पर धारा के समीप अंतिम संस्कार न करने देने के फैसले पर अमल शुरू हो गया है। यह निर्णय गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने और स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न होने देने के उद्देश्य से लिया गया है। बुधवार को नगर पंचायत की ओर से घाट से पहले बैरियर लगा दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में शव वाहनों को बैरियर पर ही रोककर चिह्नित स्थल पर पहुंचाया गया और वहीं शवों का दाह संस्कार कराया गया।
कछला नगर पंचायत प्रशासन की ओर से गंगा किनारे शव के अंतिम संस्कार पर रोक लगा दी गई है। इस पर अमल के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह लौनिया चौहान ने मंगलवार को एसएसपी डॉ. ओपी सिंह से भेंट कर पुलिस का सहयोग मांगा था। इसके बाद बुधवार सुबह नगर पंचायत की ओर से घाट से पहले बैरियर लगा दिया गया। शव लेकर आ रहे वाहनों को यहां से घाट की ओर नहीं जाने दिया गया।
बैरियर पर तैनात नगर पंचायत के लिपिक भुवनेश राघव और हरिओम पाठक ने बताया कि दिन में एक दर्जन से अधिक शव ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत अन्य वाहनों से लाए गए। सभी वाहनों को बैरियर पर रोककर विद्युत शवदाह गृह के पीछे चिह्नित भूमि की ओर मोड़ दिया गया। शवों को स्नान कराने के लिए मौके पर ही गंगाजल से भरा टैंकर भी उपलब्ध कराया गया है। नगर पंचायत कर्मियों के सहयोग के लिए बैरियर पर कछला चौकी के दो पुलिस कर्मी भी तैनात हैं। बता दें कि स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े नमामि गंगे योजना के तहत कछला में विद्युत शवदाह गृह भी बन चुका है। इसी परिसर में ही लकड़ी और उपलों के जरिये भी दाह संस्कार करने की सुविधा है।
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विद्युत से दाह संस्कार करने का शुल्क एक हजार रुपये
शव का दाह संस्कार करने के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से शुल्क भी तय कर दिया गया है। विद्युत से दाह संस्कार करने पर मृतक के परिजनों को एक हजार रुपये शुल्क देना होगा। परिसर में या फिर उसके पीछे चिह्नित भूमि पर कोई दाह संस्कार करता है तो उसे नगर पंचायत से एक सौ रुपये की रसीद कटवानी होगी। चेयरमैन जगदीश सिंह ने बताया कि अभी तक विद्युत के जरिये एक भी शव का दाह संस्कार नहीं किया गया है। जल्द ही इसे भी शुरू करा दिया जाएगा।