बदायूं। श्रीकृष्ण राधा सेवा समिति की ओर से मोहल्ला कृष्णा पुरी में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा का आयोजन किया गया। कथा व्यास आचार्य नंदकिशोर मिश्र ने कहा कि भक्ति का अंकुर, जिसके हृदय में अंकुरित हो जाता है। तो वह कभी नष्ट नहीं होता है। प्रभु की भक्ति उनको ही प्राप्त होती है। जिनका मन निर्मल होता है। जो लोग सांसारिक मोह-माया के जाल में फंसे रहते हैं। उन्हें कभी भगवान की भक्ति प्राप्त नहीं होती है। रुक्मिणी मंगल के प्रसंग से बताया कि कन्यादान ही सबसे बड़ा दान है। बेटी ही कुल की सुंदरता होती है। जिस घर में बेटी नहीं होती है। वह घर स्वर्ग के समान बन जाता है। इस मौके पर विनोद कुमार मिश्र, केएल गुप्ता, कामेश पाठक, एमपी शर्मा, ग्रीश चंद्र पाराशरी, विश्वनाथ शर्मा, दिनेश चंद शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद