झांसे में लेकर सात बार में रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराए
उझानी। एक सराफा कारोबारी से साइबर अपराधियों ने सात बार में करीब डेढ़ लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने पर सराफ ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
मोहल्ला साहूकारा निवासी सराफ प्रवीन मैमिया के अनुसार, शनिवार को उसके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उसकी दुकान का ग्राहक बताते हुए कहा कि वह जेवर खरीदना चाहता है और इसके लिए वह उसके खाते में 50 हजार रुपये भेज रहा है। इसके बाद उनके पास 50 हजार प्राप्त होने का मेसेज भी आ गया।
प्रवीन ने बताया कि कुछ देर बाद उस व्यक्ति की फिर कॉल आई और उसने विश्वास में लेकर कहा कि उसकी मां की तबीयत खराब है अत: वह रुपया लौटा दे। प्रवीन ने केवल पैसे आने के मेसेज पर भरोसा करते हुए 50 हजार रुपये ठग के खाते में भेज दिए। इसके बाद में उनके खाते से सात बार में 1.45 लाख रुपये अपने आप ही निकल गए। जब रुपये कटने के मेसेज आए तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत ही पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि ठगी की सूचना मिली है। इसकी जांच की जा रही है।
रखें सावधानी, ठगी हो जाए तो करें ये काम
- वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर काल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करायें।
- सोशल मीडिया अथवा फोन काल के माध्यम से प्राप्त अनजान आडियो/ वीडियो काल रिसीव न करें। यह ध्यान रखना चाहिए कि जब भी कोई पैसे भेजता है तो धनराशि स्वयं खाते में जमा हो जाती है।
- ओटीपी या निजी जानकारी शेयर न करें। बैलेंस चैक करने के नाम पर संदिग्ध द्वारा भेजे गए मेसेज को न खोलें। न ही अपना पासवर्ड या पिन डालें।
- किसी के भी कहने पर या एप के बारे में जानकारी न होने पर भूल कर भी कोई एप मोबाइल में इन्स्टाल न करें।
- एसएमएस व व्हाट्सअप, फेसबुक या अन्य किसी पॉपअप के माध्यम से प्राप्त लिंक को क्लिक न करें।
- नौकरी, लाटरी जैसे विज्ञापनों पर विश्वास न करें। फोन और एप को हमेशा नए वर्जन के साथ अपडेट रखें। सोशल साइट्स पर जरूरत से ज्यादा निजी जानकारियां शेयर न करें। प्रोफाइल हमेशा लॉक रखें।
(साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार सागर के अनुसार )