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फर्जी आयुष्मान कार्ड: फिर सीएमओ ऑफिस पहुंची साइबर क्राइम सेल की टीम

सार

पीएम जन आरोग्य योजना के तहत फर्जी आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जाने के मामले में साइबर क्राइम सेल ने जांच तेज कर दी है।बृहस्पतिवार को एक महीने के भीतर दूसरी बार साइबर क्राइम सेल की टीम ने सीएमओ ऑफिस पहुंचकर पूछताछ की।साइबर क्राइम सेल इस दिशा में भी जांच कर रही है।
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जिला अस्पताल स्थित आयुष्मान भारत योजना का केबिन। संवाद - फोटो : BADAUN
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विस्तार
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बदायूं। पीएम जन आरोग्य योजना के तहत फर्जी आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जाने के मामले में साइबर क्राइम सेल ने जांच तेज कर दी है। बृहस्पतिवार को एक महीने के भीतर दूसरी बार साइबर क्राइम सेल की टीम ने सीएमओ ऑफिस पहुंचकर पूछताछ की। कुछ रिकॉर्ड भी देखे। योजना के जिला समन्वयक नितिन वर्मा से जिले में कुल आईडी और ब्लॉक की गईं आईडी के संबंध में पूछताछ की गई।
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पिछले महीने भोपाल में 150 से ज्यादा अपात्रों को आयुष्मान कार्ड जारी करने का मामला सामने आया था। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने जांच का आदेश दिया। जांच शुरू हुई तो तार बदायूं से जुड़े निकले। प्रमोद कुमार संत नाम के एक कर्मचारी का नाम प्रकाश में आया। अब एक अन्य अनुराग नाम के व्यक्ति का नाम भी सामने आ रहा है। मामले में जांच साइबर क्राइम सेल कर रही है। पिछले दिनों साइबर क्राइम सेल की टीम ने सीएमओ ऑफिस पहुंचकर पूछताछ की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध 28 आईडी ब्लॉक कर दीं। प्रमोद कुमार संत और अनुराग को भी साइबर क्राइम सेल ट्रेस करने में लगी है, लेकिन उनका पता नहीं लग पा रहा है।
दरअसल, प्रमोद जिला महिला अस्पताल में एनएचएम के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात था। 2020 में उसने इस्तीफा दे दिया। प्रमोद कुमार के नाम से आयुष्मान कार्ड जारी करने को दो आईडी थीं। इस्तीफे के बाद भी उसकी आईडी से कार्ड जारी होते रहे। इधर, जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासे भी हो रहे हैं। यह भी पता लगा है कि बदायूं में भी कॉमन सर्विस सेंटरों से बड़ी संख्या में फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं। शहर के तीन-चार सीएससी की भूमिका संदिग्ध है। साइबर क्राइम सेल इस दिशा में भी जांच कर रही है।
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भोपाल में जो 150 से ज्यादा आयुष्मान कार्ड पकड़े गए हैं, वो वहीं के लोगों के ही हैं। बदायूं की किन-किन आईडी का इन्हें जारी करने में इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में साइबर क्राइम सेल जांच कर रही है। बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम सेल की टीम सीएमओ ऑफिस पहुंची थी। मुझसे जो भी जानकारियां मांगी गईं, वह मैंनेे उपलब्ध करा दी हैं। सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। -नितिन वर्मा, जिला समन्वयक पीएम जन आरोग्य योजना
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