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साइबर हमला : डाटा गायब, रोडवेज बसों में काटे जा रहे ऑफलाइन टिकट

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- साइबर अपराधियों ने कर्मचारियों के नाम-पते, किराया, रूटचार्ट और बसों के नंबर तक उड़ाए
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- परिवहन निगम के अधिकारी दोबारा बना रहे हैं रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। साइबर अपराधियों की हरकत से बदायूं डिपो का भी ऑनलाइन डाटा हैक हो गया है। रिकॉर्ड के नाम पर एक कर्मचारी तक का नाम पता ऑनलाइन नहीं रहा है। सभी कर्मचारियों के नाम पते, बसों के नंबर, उनका रूट, किराया आदि तक गायब कर दिया गया है। इसका परिवहन निगम पर बहुत बड़ा असर पड़ा है। अब निगम के अधिकारियों ने नए सिरे रिकॉर्ड तैयार करना शुरू कर दिया है। बसों में मैनुअल टिकट काटे जा रहे हैं।
परिवहन निगम के पास 111 सरकारी और 35 अनुबंधित बसें मौजूद हैं। फिलहाल सभी बसें चलन में हैं। उनका जो रूट निर्धारित है, अभी सभी बसें उसी रूट के अनुसार चलाई जा रहीं हैं लेकिन कौन सी बस कौन से रूट पर चल रही है, उन पर कौन चालक और कौन परिचालक तैनात है, इसका कोई भी ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिन से उत्तर प्रदेश में परिवहन निगम की ऑनलाइन व्यवस्थाएं पूरी तरह से ठप हैं।
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साइबर अपराधियों ने उनकी बेवसाइट हैक कर ली है। इस बेवसाइट पर मौजूद सारा ऑनलाइन रिकॉर्ड डिलीट कर दिया गया है या फिर हैक कर लिया गया है। इससे ऑनलाइन ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन), ऑनलाइन बुकिंग आदि तक ठप पड़ी हैं। इसका बदायूं जिले पर भी बहुत बड़ा असर पड़ा है। यहां के कर्मचारियों, बसों की संख्या, बसों के नंबर, बसों का रूट, किराया आदि तक ऑनलाइन मौजूद नहीं है।
पिछले दो दिन से परिवहन निगम की बसों में मैनुअल टिकट काटे जा रहे हैं। स्टेशन प्रभारी राजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि इस समय बदायूं डिपो का कोई भी ऑनलाइन रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। अब नए सिरे से रूटचार्ट तैयार कराया जा रहा है। निगम के कितने कर्मचारी हैं, बसों का कहां से कहां तक का किराया है। इन सबका दोबारा से रिकॉर्ड बनाया जा रहा है।
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मुख्यालय से भेजे गए दो टीआई
- मैनुअल टिकट काटे जाने से जहां परिवहन निगम के परिचालकों को दिक्कत हो रही है, तो वहीं चोरी की संभावना भी बढ़ गई है। इससे परिवहन निगम के मुख्यालय से दो टीआई बदायूं भेजे गए हैं। वह लगातार बसों को चेक कर रहे हैं।
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- साइबर अपराधियों की वजह से परिवहन निगम का सारा ऑनलाइन रिकॉर्ड गायब हो गया है। इस संबंध में परिवहन मंत्री ने एफआईआर भी दर्ज कराई है। फिलहाल जिला मुख्यालय से मैनुअल टिकट काटने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। नए सिरे से रिकॉर्ड तैयार कराया जा रहा है।
- धणेंद्र कुमार चौबे, एआरएम
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