साल-2014 आपराधिक नजरिए से लोगों पर काफी भारी रहा। मई में लूट की ताबड़तोड़ घटनाएं हुईं तो अगस्त में पुलिस को रोड होल्डअप से रूबरू होना पड़ा। पुलिस ने इसकी कीमत तत्कालीन कोतवाल ने निलंबन के साथ चुकाई। नवंबर और दिसंबर में दंपति समेत सात लोगों की सिलसिलेवार हत्या की वारदातें हुई।
कुछेक आपराधिक घटनाएं पुलिस की फजीहत की वजह भी बनीं। पिछले दिनों कछला में रोड गश्त के दौरान प्राइवेट वाहन के ड्राईवर को पशु तस्करों ने जब मौत के घाट उतारा तो पुलिस को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ गया था। 21 अगस्त को दिल्ली रोड पर अथइया पुलिया के पास शाहजहांपुर डिपो की दो रोडवेज बसों में लूट की घटना ने कोतवाली ही नहीं बल्कि जिले की पुलिस को परेशानी में डाल दिया था। घटना के अगले दिन ही तत्कालीन कोतवाल रामलखन यादव पर निलंबन की गाज गिरा दी गई।
विदाई से महज तीन कदम दूर साल-2014 के अंतिम दो महीना नवंबर और दिसंबर इसलिए भी ज्यादा भारी पड़ गए कि हत्या की घटनाओं ने कोतवाली क्षेत्र में क्राइम के ग्राफ को तेजी से बढ़ा दिया। इसे कोतवाली पुलिस का लक कहें या फिर दूसरे थाना क्षेत्रों की पुलिस की सक्रियता जो लूट की बड़ी वारदातों में शामिल बदमाशों को पकड़ लिया गया। क्राइम ब्रांच और अलीगढ़ जिले का पुलिस फोर्स कोतवाली पुलिस के लिए मददगार बन गया। महज हत्या की घटनाओं में नामजदों को पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
इलाके में हत्या की चर्चित घटनाएं
07 नवंबर- ज्योरा के पप्पू की हत्या
20 नवंबर- वरी का नगला राजाराम मौर्य की हत्या
28 नवंबर- हुसैनपुर के छुटकन ठाकुर का कत्ल
29 नवंबर- बबलू और उसकी पत्नी गुड़िया की हत्या
05 दिसंबर- सब्जी विक्रेता रामसिंह का मर्डर
09 दिसंबर- प्रधानपति शिशुभान यादव की हत्या
इससे पहले लहुआ में बाप-बेटा और ननाखेड़ा में प्रधान के भाई का भी कत्ल हुआ।
रोड होल्डअप और लूट के चर्चित केस
31 मार्च- तांगा सवार महिलाओं से लूट
27 अप्रैल- कार सवार डॉक्टरों से लाखों की लूट
08 मई- कार लूट कर ड्राईवर राजीव की हत्या
26 मई- शहर में इंतजार हुसैन से दो लाख की लूट
27 मई- बसोमा में महेंद्र पाल से एक लाख की लूट
21 अगस्त- शाहजहांपुर डिपो की दो बसों में लूट
इसके अलावा दो ट्रैक्टर, कार और एक दर्जन घरों में चोरी की वारदातें भी हुई हैं।