पुलिस पर चोरी से लेकर बड़ी डकैती तक का खुलासा न कर पाने का इंजाम लगता रहता है, इससे मुक्ति पाने के लिए पुलिस ने एक नायाब तरीका ढूंढ निकाला। कुछ कथित बदमाशों को जेवरात संग पकड़ा और बीती 20/21 जुलाई को अपने घर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले अवनीश यादव पर दवाब बनाकर बरामद जेवरात को अपना बताते को कहा। पुलिस की इस सनक पर अवनीश ने एसएसपी से शिकायत कर एक्शन की मांग की है।
असल में, मूसाझाग थाने के गांव करौलिया में 20/21 जुलाई की रात अवनीश यादव के घर धावा बोलकर अज्ञात चोरों ने नकदी, जेवर समेत 10 लाख रुपये की लूटपाट की। जिसकी रिपोर्ट 21 जुलाई को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। घटना के 20 दिन बाद पुलिस ने इंवेस्टिगेशन के नाम पर सैजनी गांव के पास से शहाजहांपुर जिले के पंखाखेड़ा निवासी पप्पू पुत्र अब्बे व दातागंज थाने के गांव महताबपुर निवासी शमशाद पुत्र फुंदन को गिरफ्तार किया। दोनों के पास एक इंडिका कार समेत एक सोने की चेन, सोने की दो चूडिय़ां, दो झाले, चांदी की पाजेब और बिछुआ बरामद किया। पुलिस ने इस पर दावा किया कि यह माल अवनीश यादव के यहां से लूटा गया था और गिरफ्त में आएं बदमाशों ने ही वारदात को अंजाम दिया। अवनीश यादव बताते हैं कि पुलिस ने बरामद माल की पहचान के लिए उन्हे सपरिवार थाने बुलाया। जो जेवर इन्हें दिखाएं गए, उसे अवनीश यादव व परिवार ने पहचानने से इंकार कर दिया। आरोप है कि इस पर एसओ ने उन पर जेवर पहचानने का दबाव बनाया। जबकि अवनीश यादव साफ कहते हैं कि जो जेवर पुलिस ने बरामद किए हैं, वह उनके घर से नहीं लूटे गए हैं। पुलिस के दवाब बनाने की शिकायत अवनीश ने एसएसपी से करके कार्रवाई की मांग की है।
वर्जन-
गृह स्वामी अगर बरामद जेवर अपने नहीं होने की बात कह रहा है और फिर भी उस पर दवाब बनाया जा रहा है, तो यह गंभीर बात है। इसकी जांच कराई जाएगी। किसी भी घटना को गलत खुलासा नहीं होगा।
-अनिल यादव, एसपी सिटी