पीतल की अंगूठी के दे दिए बत्तीस सौ रुपये, अब लाटरी निकलने के नाम पर ठग ने मांगें पंद्रह हजार सात सौ रुपये।
गांव ललुआनगला के अविनाश जाटव ने एक चित्र पहचानो प्रतियोगिता में भाग लिया। लिखे पते पर फार्म भरकर भेज दिया। एक महीने बाद बंगलूरू से एक फोन आया और उसने अपना नाम सुमित कुमार बताया। अविनाश को बताया गया कि वह प्रतियोगिता जीत गया है। अब उसे एक सोने की अंगूठी और तेरह लाख पैंसठ हजार रुपये मिलेेंगे। डाक से आए एक लिफाफे को अविनाश ने बत्तीस सौ रुपये देकर ले लिया। उस बिल्टी में एक पीतल की अंगूठी और कुछ रद्दी कागज निकले। अब बंगलूरू से एक और कॉल आई। उससे कहा गया कि पते की जांच करने के लिए यह अंगूठी और कुछ रद्दी के कागज भेजे गए थे। अब यदि तेरह लाख पैंसठ हजार लेने हैं, तो पंद्रह हजार सात सौ रुपये और खर्च करने होंगे। इस फोन पर खाता नंबर भी बताया गया। इसके बाद अविनाश ने कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।