छात्र की सड़क हादसे में मौत होने पर गुस्साए लोगों ने मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर शव रखकर करीब तीन घंटे जाम लगाया। गुस्साए ग्रामीणों ने फैजगंज बेहटा पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे एसडीएम बिसौली और सीओ ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने छात्र का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के ग्राम परमानंदपुर निवासी निर्मलदास का 17 वर्षीय बेटा सूरजपाल सिंह रामवती इंटर कॉलेज में पढ़ता था। इस साल उसने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। सोमवार रात आठ बजे गांव में आई बारात देखने गया था। तभी उसे उधर से गुजरी एक बाइक ने उसे चपेट में ले लिया। इसमें सूरजपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना की सूचना फैजगंज बेटा और डॉयल 100 पुलिस को दी गई, एंबुलेंस को भी सूचना दी गई। मगर न पुलिस पहुंची और न एंबुलेंस। काफी देर इंतजार करने के बाद परिवार वाले सूरजपाल को निजी वाहन से चंदौसी ले गए। जहां उसे डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
मंगलवार तड़के परिवार वाले और ग्रामीण सूरजपाल का शव लेकर मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर आ गए। उन्होंने शव हाईवे पर रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और लकड़ी डालकर एमएफ हाईवे पर जाम लगा दिया। कुछ ही देर में दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गईं। सूचना मिलने पर आसफपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन नाराज भीड़ के सामने वर्दी वालों की नहीं चली। जाम लगने के करीब एक घंटे बाद भी फैजगंज बेहटा थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। बाद में बिसौली एसडीएम मोहम्मद उवैश और सीओ मुन्नालाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। जाम के दौरान पुलिस और ग्रामीणों की कई बार नोकझोंक हुई। काफी समझाने के बाद भी ग्रामीण जाम खोलने को राजी नहीं थे। एसडीएम ने कड़ी मशक्कत कर लोगों को समझाकर शांत किया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अश्वासन देने पर लोग जाम खोलने को राजी हुई। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। वहीं थाना पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी। मृतक के भाई उग्रपाल की तहरीर पर पुलिस ने परमानंदपुर के ही बाइक मिस्त्री बबलू और उसके साले गुलाब सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस की लापरवाही पर भड़का आक्रोश
आसफपुर। चार भाई-बहनों में सूरजपाल सबसे छोटा था। परिजनों के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद फैजगंज बेहटा एसओ को सूचना दी गई। डायल 100 पुलिस को भी बताया गया था। न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही एंबुलेंस आई। इससे सूरजपाल काफी देर तक सड़क पर पड़ा तड़पता रहा। जबकि ग्राम परमानंदपुर से थाने की दूरी मात्र पांच किलोमीटर हैै।
परेशान रहे जाम में फंसे लोग
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर लगे जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी रहीं। जाम में फंसे वाहनों में बैठे लोगों को न कुछ खाने को मिला और न पीने को। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हुई।
आरोपियों के घर पुलिस का पहरा
हादसे के बाद आरोपी बबलू और उसके परिवार वाले घर से फरार हो गए। जाम के दौरान गुस्साए कुछ लोगों ने जाकर बबलू के घर में तोड़फोड़ की। पता लगने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया। एहतियातन आरोपी बबलू के घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है।