अलापुर के गांव चंदी नगला में ग्रामीण की हत्या करने के बाद शव बाजरा के खेत में फेंक दिया गया। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पिता और उसके दो पुत्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना के बाद आरोपी फरार हैं। शव को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया है। अलापुर थाने के गांव चंदी नगला निवासी दीपचंद्र (55) की गांव के ही कालीचरन से रंजिश चल रही थी। दीपचंद्र के भाई दिलीपचंद्र के मुताबिक शुक्रवार रात दीपचंद्र के बेटे की तबीयत खराब हो गई थी। शुक्रवार तड़के दीपचंद्र ऋषिपाल राठौर के पास उनके खेत पर बेटे के लिए दवाई के बारे में मालूम करने गया था। आरोप है कि रास्ते में कालीचरन अपने अपने बेटों मुकेश और नेत्रपाल के साथ मिलकर दीपचंद्र को घेर लिया। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उन पर हमला किया। इसमें दीपचंद्र की मौत हो गई। तीनों ने मिलकर दीपचंद्र का शव सर्वेश के बाजरा के खेत में फेंक दिया। शनिवार सुबह गांव के लोगों ने बाजरा के खेत में शव पड़ा देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मृतक के भाई दिलीपचंद्र की तहरीर पर पुलिस ने कालीचरन, मुकेश और नेत्रपाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।