पूर्वोत्तर रेलवे की बरेली-कासगंज लाइन पर पेट्रोलिंग कर रहे दो ट्रैक मेंटेनर की मालगाड़ी से कटकर मौत हो गई। इनमें एक हसीब बरेली के इज्जतनगर क्षेत्र का और दूसरा दिलीप कुमार गोंडा जिले के करनैलगंज का निवासी था। की-मैन ने इस हादसे की सूचना दी तो रेलवे अधिकारियों में खलबली मच गई। मौका मुआयना करने पहुंचे एडीआरएम विनोद गुप्ता ने सहायक मंडल इंजीनियर (डीईएन) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। हादसे के बाद कासगंज-बरेली पैसेंजर वितरोई स्टेशन पर करीब तीन घंटे और बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन एक घंटे उझानी स्टेशन पर खड़ी रही। पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि घटना घने कोहरे की वजह से हुई है।
हादसा बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे उझानी रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर दूर गोशाला फाटक के नजदीक हुआ। हादसे से पहले सुबह चार बजे ट्रैक मेंटेनर दिलीप कुमार (30) और हसीब खां (26) पेट्रोलिंग को निकले थे। पेट्रोलिंग के दौरान उन्होंने दूसरे तरफ से पहुंचे ट्रैक मेंटेनर विजय शंकर और खुशीराम से बात भी की। खुशीराम और विजय तो आगे निकल गए लेकिन बाद में कासगंज की ओर से आ रही मालगाड़ी ने दिलीप और हसीब को रौंद दिया। की-मैन ओमकार ने दोनों के शव ट्रैक पर पड़े देखे तो गेटमैन मुन्नालाल को अवगत कराया। बाद में सिविल पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ भी मौके पर पहुंच गई। पेट्रोलिंग कर्मियों ने अफसरों के पहुंचने से पहले शव ट्रैक से उठाने नहीं दिए। कर्मचारियों के गुस्से को देखते हुए कासगंज-बरेली सिटी पैसेंजर को वितरोई स्टेशन पर तीन घंटा तक और बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन को उझानी स्टेशन पर एक घंटे तक रोके रखा गया। सूचना के बाद एडीआएम विनोद गुप्ता रेलवे अफसरों और कर्मचारी नेताओं में जोनल केंद्रीय अध्यक्ष बसंतलाल और एनई रेलवे में कांग्रेस के मंडल मंत्री विवेक मिश्रा के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने गुस्साए कर्मचारियों से बात की। अफसरों से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही दोनों शव उठने दिए गए। कोतवाल राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि दोनों शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि घटना घने कोहरे की वजह से हुई है। विभागीय स्तर से जांच का आदेश दे दिया गया है। जांच डीईएन हेड क्वार्टर एके सिंह की अगुवाई में एडीएनई (पॉवर) और एडीएसओ करेंगे।