आठ दिन पूर्व सर्राफ और उसके नौकर को गोली मारकर 12 लाख की नगदी-जेवर लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और 50 हजार की नगदी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना के तीन आरोपी पकड़ से बाहर हैं। एसपी आरए बालेंदु भूषण ने दावा किया कि घटना का सही वर्कआउट किया गया है। जल्द तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
23 अप्रैल की शाम सात बजे दुकान बंद कर घर जा रहे सर्राफ अनुज माहेश्वरी से तीन बाइक सवार बदमाशों ने सैफुल्लागंज मार्ग पर कब्रिस्तान के पास नगदी व जेवरात से भरा बैग लूट लिया था। विरोध करने पर बदमाशों ने अनुज और उनके नौकर को गोली मारकर घायल कर दिया था। इसके बाद से आक्रोशित दुकानदारों ने दुकानें बंद कर विरोध भी प्रदर्शित किया था। दबाव में आई पुलिस ने कुछ संदिग्ध के मोबाइल फोन नंबरों को सर्विलांस पर लगवाया। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने भूरा उर्फ यूसुफ पुत्र अकील अहमद निवासी मिर्धा टोला और शादाब उर्फ सद्दाम पुत्र हनीफ निवासी अकबराबाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार भूरा उर्फ युसूफ ने बताया कि उसने लूट की घटना को अंजाम देने के लिए आरिफ पुत्र इसरार निवासी सराय वघौली, थाना उघैती से बात की और आरिफ ने अपने साथी राजीव वर्मा पुत्र विशंभर दयाल निवासी किला खेड़ा, थाना उझानी व राहुल पुत्र रतनलाल जाटव निवासी बिल्सी के साथ घटना को अंजाम दिया। पुलिस अब इन तीनों की तलाश कर रही है।
इस तरह दिया घटना को अंजाम
पुलिस का कहना है कि पहले भूरा और आरिफ के बीच 23 अप्रैल को 4.20 बजे पर मोबाइल से बात हुई और आरिफ ने 4.29 बजे पर राजीव वर्मा से बात कर बिल्सी बुला लिया। इधर, भूरा और शादाब ने सहसवान में अपने अन्य साथियों के साथ बीयर पी और मीट खाने के बाद बिल्सी को रवाना हो गए। बिल्सी में आरिफ के घर पर लूट की योजना बनी। भूरा सद्दाम के साथ बाइक से सहसवान आ गया। वह अनुज माहेश्वरी की निगरानी करने लगा। आरिफ काली पल्सर से राहुल और राजीव वर्मा के साथ बिल्सी से शाम 6.25 बजे पर सहसवान को चल दिए। 6.50 पर सहसवान पहुंच गए। भूरा सद्दाम के साथ बाइक से स्टैट बैंक के पास खड़ा हो गया। आरिफ, राजीव वर्मा और राहुल के साथ उससे कुछ दूरी पर खडे़ हो गए। जैसे ही अनुज की बाइक बैंक के सामने से गुजरी भूरा ने आरिफ को इशारा कर दिया। अनुज की बाइक के पीछे आरिफ ने अपनी बाइक लगा दी और कब्रिस्तान के पास जाकर घटना को अंजाम दे दिया।
यूं किया लूटी रकम का बंटवारा
भूरा ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद सभी लोग आरिफ के घर सराय वघौली पहुंचे, जहां आरिफ ने भूरा और सद्दाम को एक लाख रुपये देकर सहसवान वापस कर दिया। बाकी रकम बाद में देने को कहा। घटना के बाद आरिफ ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। 24 अप्रैल की शाम को आरिफ ने अपना मोबाइल खोला और कुछ समय बाद फिर बंद कर लिया। भूरा और सद्दाम ने 50-50 हजार रुपये बांट लिए, जिसमें भूरा ने 30 हजार और सद्दाम ने 20 हजार रुपये खर्च कर लिए। बाकी रकम पचास हजार पुलिस ने दोनों से बरामद कर ली। दोनों का कहना है कि थैले में कितनी रकम और जेवर थे? उन्हें नहीं पता, बाकी माल उन तीनों के पास ही है।
आरिफ और राजीव पर 23 मामले दर्ज
एसपी देहात ने बताया कि भूरा और सद्दाम ने मिलकर लूट की घटना कराने में अहम भूमिका निभाई, जबकि घटना को अंजाम आरिफ, राजीव वर्मा और राहुल ने दिया। तीनों ही अपराधी शातिर किस्म के हैं। आरिफ पर लूट और हत्या के विभिन्न थानों में 10 मामले दर्ज हैं जबकि राजीव वर्मा पर लूट और हत्या के 13 मामले दर्ज हैं। जैसे ही पुलिस ने आरिफ के घर पर दबिश देकर दबाव बनाया, राजीव अपनी जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। जबकि राहुल फरार है।
पांच हजार का दिया इनाम
एसएसपी सौमित्र यादव ने घटना का खुलासा करने में शामिल एसओजी और सहसवान पुलिस को टीम को पांच हजार रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की है।