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चौबीस घंटे में हार्टअटैक से तीन किसानों की मौत

Sun, 19 Apr 2015 12:44 AM IST
बदायूं।
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बेमौसम बारिश में फसल बर्बाद होने के बाद शुरू हुआ किसानों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में पिछले चौबीस घंटे में तीन किसानों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। दो किसानों ने खेत पर ही दम तोड़ दिया। जबकि एक की मौत घर पर हुई। परिवार वालों ने पुलिस और राजस्व विभाग को सूचना तो दी, लेकिन शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
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कादरचौक। थाना क्षेत्र के गांव कैथुरिया में किसान रामस्वरूप (50) की हार्टअटैक से मौत हो गई। परिवार वालों ने इसकी सूचना पुलिस और राजस्व विभाग को दी है। उनकी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। बैंक का भी 77 हजार रुपये का कर्ज था। गांव में अब तक फसलों का सर्वे भी नहीं हुआ था। राम स्वरूप (50) पुत्र प्यारे लाल के पास सात बीघा जमीन है। इसमें उन्होंने गेहूं की फसल की थी। शुक्रवार शाम वह खेत पर गेहूं की कटाई करने गए थे। वहां अचानक उनके सीने में दर्द उठा। हालत बिगड़ने पर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान उनको लेकर घर पहुंचे। देर रात उनकी मौत हो गई। रामस्वरूप के नाम से रमजानपुर स्थित सर्व यूपी किसान ग्रामीण बैंक में केसीसी पर 77 हजार रुपये का कर्ज है।
बिसौली। तहसील क्षेत्र के गांव अहमदगंज में युवा किसान की सदमे से मौत हो गई। उसकी अगले महीने शादी होने वाली थी। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
थाना बिल्सी क्षेत्र का अहमदगंज तहसील बिसौली का राजस्व गांव है। यहां के रामफूल (22) पुत्र उरमान शुक्रवार शाम खेत पर गेहूं निकलवाने गए थे। उरमान के 16 बीघा में गेहूं थे। बेमौसम बारिश से फसल मारी गई। फसल देखकर रामफूल की हालत बिगड़ गई। उनके सीने में दर्द उठा और कुछ ही देर में मौत हो गई। रामफूल चार भाइयों में सबसे छोटा था। तीन भाइयों की शादी हो चुकी है। रामफूल की शादी अगले महीने है। परिवार वालों की सूचना पर लेखपाल ने गांव पहुंच कर जानकारी ली।
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फैजगंज बेहटा। थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा दासपुर में फसल बर्बाद होने के सदमे में एक किसान की मौत हो गई। उस पर पंजाब नेशनल बैंक का 50 हजार रुपया कर्ज था।
खेड़ादासपुर निवासी श्रीपाल (42) पुत्र रामऔतार के पास तीन बीघा जमन है। इसमें उन्होंने गेहूं की फसल की थी। बारिश से फसल बर्बाद हो गई थी। शनिवार को उन्होंने गेहूं निकलवाए तो तीन बीघा खेत में सिर्फ एक क्विंटल गेहूं निकले। इसके बाद श्रीपाल की खेत पर ही हालत बिगड़ गई। उनके सीने में दर्द हुआ और कुछ ही देर में मौत हो गई। श्रीपाल के तीन अविवाहित पुत्र हैं। सूचना पर कानूनगो और लेखपाल ने गांव पहुंच कर जानकारी ली।

किसान का सदमे में आकर मरना गंभीर विषय है। किसानों को समझाने और भरोसे में लेने का प्रयास जारी है। अधिकारियों को भेजकर उनके परिवार को सांत्वना दी जा रही है। मौसम की वजह से खराब हुई फसलों के लिए किसानों को राहत देनें में कोई कोताही नहीं हो रही है। शासन को सूचनाएं दी जा रही हैं।-आरपी यादव, एडीएम वित्त/प्रभारी अधिकारी राहत
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