डीएम ने चारागाहों से कब्जा हटाने के दिए आदेश
बगैर रजिस्ट्रेेशन नहीं हो सकेगी पशुओं की खरीद फरोख्त
गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में आयोजित जिला क्रूरता निवारण
समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी शंभूनाथ ने कहा है कि पशु
तथा जीव-जंतु मानव जीवन का एक अभिन्न अंग हैं। पर्यावरण की संपूर्ण
सुरक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व हैं कि वह उनकी रक्षा करे। बैठक
में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव तथा एसपी सिटी अनिल
कुमार यादव की मौजूदगी में समिति सदस्यों की सहमति से निर्णय लिया गया कि
जिन क्षेत्रों में पशु तस्करी प्रकाश में आई हैं, उन क्षेत्रों में सक्रिय
समाजसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं में से पशु मित्रों का चयन किया जाएगा,
जिससे वह तस्करी से संबंधित गोपनीय सूचनाएं उपलब्ध करा सकें।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को हिदायत दी कि वह अपने अपने क्षेत्रों में स्थित चारागाहों का स्थलीय निरीक्षण कर सुनिश्चित करें कि किसी भी चारागाह पर कब्जा न रहे। पशुओं की खरीद-फरोख्त का व्यापार करने वालों को अब अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उसके बाद ही अपने जानवरों को खरीद कर बेचने का व्यवसाय कर सकेंगे। बिना रजिस्ट्रेशन खरीद-फरोख्त करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. अरुण कुमार जादौन से पूछा जिन शर्तों के आधार पर नखासा लगाए जाने की जिला पंचायत द्वारा स्वीकृति दी जाती है, क्या नखासों में वह सभी शर्तें पूरी की जा रही हैं अथवा नहीं? पुलिस बल के साथ नखासों का स्थलीय निरीक्षण करके शर्तें पूरी न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। बैठक में समिति सदस्य डा. शैलेंद्र कबीर, राधा कृष्ण शर्मा, अहमद परवेज, संजय सिंह गौर, सतेंद्र कुमार मौजूद रहे।