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डॉक्टरों के पैनल ने किया बंदी का पोस्टमार्टम

Sun, 29 Mar 2015 07:39 PM IST
badaun
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जिला जेल के बंदी ओमपाल की मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने रविवार को ओमपाल के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
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संभल के थाना रजपुरा अंतर्गत गांव भीकमपुर जैनी निवासी ओमपाल पुत्र सियाराम पांच नवंबर 2014 से जिला जेल में बंद था। ओमपाल पर अपने दामाद जगपाल की हत्या का आरोप था। शनिवार रात ओमपाल का शव जेल में बंद पड़े बैरक के पीछे फांसी के फंदे पर लटकता हुआ मिला था। ओमपाल ने बोरा और थैलों में बंधने वाली प्लास्टिक की सुतली से फांसी का फंदा तैयार किया था। रविवार को डॉ. एके गुप्ता, डॉ. दुष्यंत कुमार और डॉ. राजेश वर्मा ने ओमपाल के शव का पोस्टमार्टम किया। ओमपाल के शरीर पर कहीं कोई चोट का निशान नहीं मिला है। पोस्टमार्टम में वह शारीरिक रूप से स्वस्थ पाया गया है। डॉक्टरों के पैनल ने उसकी हत्या की वजह हैंगिंग बताई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया।

बंदी के पोस्टमार्टम में देरी,
डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण
बदायूं। जिला अस्पताल के डॉक्टर मरीजों की ही नहीं शवों की भी बेकद्री करने से नहीं चूकते। जिला जेल में खुदकुशी करने वाले बंदी ओमपाल का शव घंटों पोस्टमार्टम के इंतजार में पड़ा रहा। परिवार वाले शव देखने को भटकते रहे। पोस्टमार्टम के लिए बनाए गए पैनल के डॉक्टर दो बजे तक नहीं पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे। पोस्टमार्टम में देरी पर डीएम शंभूनाथ ने सीएमओ और जिला अस्पताल के सीएमएस से स्पष्टीकरण तलब किया है। डॉक्टरों की लापरवाही से ओमपाल का पोस्टमार्टम करीब आठ घंटे देरी से हो सका। ओमपाल के परिवार वालों को शनिवार रात करीब 12 बजे सूचना मिल गई थी। रविवार सुबह ओमपाल के भाई गुलफाम समेत कई रिश्तेदार और परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
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डाक्टर नहीं पहुंचे पर बिगड़े परिवार वाले
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने पंचनामा समेत पोस्टमार्टम की सभी प्रक्रियाएं पूरी करके कागज सुबह साढ़े छह बजे जिला अस्पताल भेज दिए। दोपहर तब जब डॉक्टर पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंचे तो परिवार वालों ने हंगामा शुरू किया। सूचना पर एसओ सिविल लाइंस अजय यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों को शांत कराया। बाद में सीएमएस डॉ. एके वर्मा भी पोस्टमार्टम पहुंच गए।

एसओ-सीएमएस में पोस्टमार्टम को लेकर तकरार
यहां एसओ सिविल लाइंस की सीएमएस से पोस्टमार्टम में देरी को लेकर तकरार हो गई। बाद में मामला डीएम तक पहुंचा। डीएम ने सीएमओ और सीएमएस से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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