अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार की कोर्ट में सेंट्रल जेल दिल्ली से पूर्व सांसद डीपी यादव के पुत्र विकास यादव को पेश किया गया। दिल्ली के डीसीपी के निर्देशानुसार आरोपी विकास यादव की कोर्ट तक आने जाने की वीडियोग्राफी भी कराई गई। कोर्ट ने अगली तारीख 12 मई नियत की है।
बतातें चलें कि घटना 15 जनवरी 2002 की है। वादी मुनेश कुमार पुत्र गंगासहाय नयागंज सहसवान निवासी ने 23 अगस्त 2008 को विशाल कुमार पुत्र कमलराज व विकास कुमार पुत्र धर्मपाल निवासी बिसौली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी मुनेश के अनुसार आरोपी ग्राम परसिया बिसौली में एक समारोह के दौरान मिले थे और नौकरी लगवाने के नाम पर उससे एक लाख रुपये ले लिए किंतु नौकरी नहीं लगवाई। जिसमें पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में अंतिम रिपोर्ट अदालत में प्रेषित कर दी। वादी मुनेश कुमार ने अंतिम रिपोर्ट पर आपत्ति दाखिल की जिस पर कोर्ट ने वादी व गवाहों के बयानों के आधार पर विशाल व विकास कुमार को अभियुक्त बनाया। आरोपी विकास कुमार की जमानत कोर्ट द्वारा 27 मार्च 15 को मंजूर हो चुकी है जबकि आरोपी विशाल कुमार अदालत में हाजिर नहीं हुआ है।
आरोपी विकास कुमार ने कोर्ट मे अर्जी दी है कि उसको तिहाड़ जेल दिल्ली से बस द्वारा लाया जाता है। आरोपी की रीढ़ की हड्डी व कमर में दर्द है। आरोपी विकास कुमार ने कोर्ट से गुहार लगाई कि उसको तिहाड़ जेल से ट्रेन ले लाया व ले जाया जावे और उसकी बीमारी का इलाज अच्छे चिकित्सा संस्थान में कराया जाए। कोर्ट ने सेंट्रल जेल नई दिल्ली के अधीक्षक से आख्या तलब की है। अगली तारीख 12 मई नियत की है।