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कोई करीबी ही है कातिल!

Fri, 10 Apr 2015 12:21 AM IST
badaun
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पीडब्लूडी से रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो की निर्मम हत्या में किसी करीबी का ही हाथ है। परिस्थितिजन्य साक्ष्य तो इसी ओर इशारा कर रहे हैं। हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद इत्मीनान से पानी भरे एक टब में हाथ धोए। अब तक की पुलिस तफ्तीश में इतना तो साफ है कि हत्या लूट या चोरी के इरादे से नहीं की गई। घटनास्थल का मौका मुआयना करने के बाद आईजी विजय मीणा ने भी यह बात मानी है।
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रिटायर्ड इंजीनियर वीके गुप्ता को मोहल्ले के लोगों ने पांच अप्रैल को सुबह आखिरी बार देखा था। पति-पत्नी एकांकी जीवन जी रहे थे। आस-पड़ोस के लोगों से उनका ज्यादा सरोकार नहीं था। आस-पास के लोगों की मानें तो उनके घर के दोनों दरवाजे भी बंद ही रहते थे। गुप्ता दंपति घर की पहली मंजिल पर रहते थे। मकान काफी बड़ा है। उन्होंने इसे किराए पर डाक विभाग को दे दिया था। डाक विभाग ही मकान में रंगाई-पुताई करा रहा है।
हत्यारे कौन हैं यह तो जांच का विषय है, लेकिन जिस तरह से दिन में हत्यारों ने बेखौफ होकर सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया वह इशारा करीबियों की ओर कर रहा है। जिस रसोई में गुप्ता दंपति के शव पड़ थे, वहां गैस का चूल्हा दीवार से टिका हुआ रखा है। घर में गृहस्थी के सामान की एक लिस्ट भी मिली है। आस-पास खून के छींटे पड़े थे। आंगन में रखे टब का पानी लाल था। इसमें हत्यारों ने हाथ धोए थे। हत्यारे घर की भौगोलिक स्थिति से भी पूरी तरह वाकिफ थे। घटना को उन्होंने पेशेवर तरीके से अंजाम दिया। घर के किसी सामान को हाथ नहीं लगाया। इस हत्याकांड का खुलासा पुलिस को चुनौती से कम नहीं होगा।
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ऐसे पता लगी हत्या की बात
बदायूं। वीके गुप्ता की बेटी सोनम ने बुधवार को अपने पिता को फोन किया। कई बार कॉल करने के बाद भी फोन रिसीव नहीं हुआ, तो सोनम ने पीएनबी मेन ब्रांच के पास रहने वाले अपने एक रिश्तेदार को फोन किया। उन्होंने अपने रिश्तेदार से घर जाकर देखने को कहा। रात करीब 10 बजे रिश्तेदार घर पहुंचा तो घर में भयंकर बदबू आ रही थी। रिश्तेदार ने मोहल्ले के लोगों से बात की। बाद में पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने पहुंच कर घर खंगाला तो घर की रसोई में गुप्ता दंपति के शव पड़े थे।
पांच तारीख को दिन में की गई हत्या
बदायूं। गुप्ता दंपति की हत्या पांच अप्रैल को दिन में ही कर दी गई थी। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल से यह बात खुली है। वीके गुप्ता ने पांच अप्रैल को आखिरी बार दोपहर 12.31 बजे दिल्ली में रह रहे अपने बेटे शेखर और उनकी पत्नी से बात की थी। इसके बाद उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि हत्यारों ने वारदात को अंजाम अप्रैल अप्रैल को दिन में ही दिया है।
कत्ल से पहले बंद कर दीं रसोई की नालियां
बदायूं। वारदात को अंजाम देने से पहले हत्यारों ने रसोई की नालियों को बंद कर दिया था। उनको पता था कि कत्ल करते समय खून रसोई की नालियों के जरिए गली में जाएगा। वारदात के समय दिन था। ऐसे में मोहल्ले के लोगों की नजर नाली में बह रहे खून पर जा सकती थी। अगर ऐसा होता तो दंपति की हत्या की बात वारदात के दिन ही खुल सकती थी।
नहीं मिला आला कत्ल
बदायूं। गुप्ता दंपति की हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस कई बार उनके घर का कोना-कोना छान चुकी है, लेकिन अब तक आला कत्ल बरामद नहीं हुआ है। आईजी विजय मीना और डीआईजी आरकेएस राठौर ने भी पूरा घर खंगाला। छत पर भी गए। वहां कई गमले टूटे पड़े थे। पुलिस पशोपेश में है कि हत्यारों ने आला कत्ल को कहां ठिकाने लगाया होगा।
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