छोटी दो बहनों ने पूछताछ में उगली सच्चाई
बड़ी बहन गाजियाबाद में अपने प्रेमी संग रह रही
जीआरपी को पूछताछ में दोनों ने बताया था कि उनका 24 दिसंबर को चंदौसी से अपहरण कर लिया गया था और बड़ी बहन (18) की हत्या कर दी गई है। जीआरपी ने फैजगंज बेहटा पुलिस से संपर्क साधा। रात में ही एक टीम बरेली पहुंच गई। मंगलवार को दोनों बहनों को बदायूं लाया गया। पूछताछ के दौरान दोनों बहनें बयान बदलती रहीं। इससे पुलिस को इनकी कहानी पर शक हो गया। दोनों से महिला थाने में जब थोड़ी सख्ती की गई तो उन्होंने पुलिस को सच्चाई बता दी। मंगलवार देर शाम फैजगंज बेहटा थाने की पुलिस टीम दोनों छोटी बहनों को लेकर गाजियाबाद रवाना हो गई । बड़ी बहन का प्रेमी मूल रूप से कासगंज का रहने वाला है। तीनों बहनें तीन दिन तक कासगंज में उसके घर पर रहीं। गाजियाबाद से पुलिस टीम के देर रात तक वापस आने की उम्मीद है।
बड़ी बहन के बहकावे में आ गईं थीं छोटी बहनें
बिसौली। छोटी बहनें बड़ी के बहकावे में आ गईं थीं। तीनों बहनें 24 दिसंबर को घर से चंदौसी स्थित एक मंदिर में पूजा करने की बात कहकर गईं थीं। जब वे घर नहीं लौटीं तो पिता ने 25 दिसंबर को तीनों की गुमशुदगी फैजगंज बेहटा में दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि तीनों बहनों का घर में झगड़ा भी हुआ था। पुलिस पहले से ही मामले को संदिग्ध मान रही थी।
मुसिया नगला में पुलिस का छापा
दबतोरी। अपहरण का ड्रामा रचने वाली तीनों बहनों की ननिहाल बिसौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में है। कॉल डिटेल के जरिए पुलिस को पता लगा कि बड़ी बहन की बात कई लड़कों से होती थी। इसके बाद बिसौली एसओ कश्मीर सिंह यादव और फैजगंज बेहटा एसओ अशोक कुमार ने गांव के कई घरों में छापेमारी की पर यहां पुलिस को कोई मिला नहीं।
बदलते बयानों से खुली ड्रामा की पोल
बिसौली। मंगलवार को दोनों छोटी बहनें शाम तक बार-बार बयान बदलती रहीं। दोनों ने कई बार घटनास्थल भी बदल दिया। दोनों ने कभी बताया कि उनको गाजियाबाद ले जाया गया तो कभी दिल्ली ले जाने की बात कही। बार-बार बदलते बयानों ने पूरे ड्रामा की पोल खोल दी। एसएसपी सौमित्र यादव ने बताया कि प्रकरण महज ड्रामा निकला है। बड़ी बहन अपने प्रेमी के साथ है। पुलिस टीम उसे बरामद करने रवाना हो गई है। गांव में भी पड़ताल करा ली गई है। अपहरण का झूठा ड्रामा रच कर पुलिस को गुमराह करने के मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।