प्रधानी लड़ने वाले की बेटी के अपहरण का मामला
लड़की के परिवारी एसएसपी से मिले, पुलिस पर लगाए आरोप
हजरतपुर थाने के एक गांव से प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाले एक व्यक्ति की 18 वर्षीय बेटी 19 दिसंबर को लापता हो गई थी। पिता ने 23 दिसंबर को थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। परिवार वालों का आरोप है कि उनकी बेटी का अपहरण हुआ है। इसमें नवनिर्वाचित प्रधान का नाती भी शामिल है। गुरुवार को गांव के लोगों के साथ परिवार के लोगों ने पुलिस पर दबाव बनाया, तो पुलिस ने गांव में क्लीनिक चलाने वाले अजीत सिंह के भाई वीरेश, अमन और प्रधान के नाती शानू को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
पुलिस ने बताया कि वीरेश और लड़की के बीच प्रेम संबंध थे। 20 दिसंबर को लड़की वीरेश से मिलने आई थी। उस पर शादी का दबाव बना रही थी। वीरेश ने शादी से इंकार किया, तो लड़की ने हजरतगंज पुल से रामगंगा में छलांग लगा दी। सवाल ये है कि अगर लड़की ने छलांग लगाई तो वीरेश ने ये बात पुलिस या अन्य परिवारीजनों को क्यों नहीं बताई? मान भी लें कि लड़की ने छलांग लगाई तो उसकी लाश अब तक बरामद क्यों नहीं हुई? इन सवालों के बीच ही पुलिस ने शुक्रवार को वीरेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया। अमन और शानू को थाने से छोड़ दिया गया। हालांकि परिवार वाले बेटी के मरने की बात मानने को कतई तैयार नहीं हैं। उन्होंने एसएसपी से मिलकर इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर लड़की को बरामद करने की मांग की है।
कॉल डिटेल भी निकलवाई पुलिस ने
दातागंज। लड़की 19 दिसंबर को घर से लापता हुई थी। पिता ने 23 दिसंबर को थाने में तहरीर दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज नहीं की। हालांकि इस बीच पुलिस ने कॉल डिटेल निकाल ली थी। इसी आधार पर शानू को हिरासत में लिया गया था। इसके बारे में परिवार वालों को भी बताया गया था। दबाव बनने पर जब तीन लोगों को हिरासत में लिया गया, तो मामला और उलझ गया।
परिवार वाले बोले, लड़की आरोपी के कब्जे में
दातागंज। पुलिस ने भले लड़की को मरा हुआ मान कर वीरेश के खिलाफ खुदकुशी करने के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया हो, लेकिन परिवार वाले यह मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि लड़की अभी जिंदा है। उनका भी कहना है कि अगर लड़की की मौत हो गई होती तो अब तक लाश बरामद हो जानी चाहिए थी। आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। उनका कहना है कि लड़की को अगवा करने वालों में प्रधान के नाती समेत तीन और लोग भी शामिल हैं। सीओ दातागंज श्योराज सिंह ने बताया किआरोपी के बयान की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई है। उसके आधार पर ही खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। परिवार वालों केआरोपों पर भी पुलिस पड़ताल कर रही है। सच जल्द सामने आ जाएगा।