बिल्सी थाना क्षेत्र में छह साल पहले हुई विवाहिता की हत्या के मामले में एडीजे तृतीय मधुलिका चौधरी ने सास, ससुर और देवर को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों आरोपियों पर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जबकि घटना के वक्त घर से बाहर मौजूद रहने वाले पति वीरबहादुर को नामजद भी नहीं किया गया था। बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव आलमपुर में 12 जुलाई 2010 की घटना है। मृत विवाहिता के भाई दारा सिंह निवासी बिल्सी क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज ने 14 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी बहन अनीता की शादी वीरबहादुर पुत्र सोमपाल के साथ हुई थी। दहेज कम मिलने से ससुराल वाले खुश नहीं थे, उसका बहनोई वीरबहादुर कोई नौकरी नहीं करता था, जिससे उसकी बहन के ससुराल वाले डेयरी खोलने के लिए एक लाख रुपये की मांग करते थे। इस पर उसकी बहन ने पिता न होने की बात कहते हुए मना कर दिया। इस पर अनीता के देवर शेरबहादुर, ससुर सोमपाल और सास मुन्नी देवी ने मिलकर उसकी बहन की हत्या करके लाश गायब कर दी। इस मामले में सभी गवाहों के गवाही से मुकर जाने के बाद भी कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि पति को दोषी नहीं बनाया गया। साथ ही छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुकेश यादव ने की।